



न्याय की तलवार जब उठती है, तो अपराधी चाहे पाताल में छिप जाए, उसकी संपत्ति की हर दीवार दरक जाती है। कानून का शिकंजा कसता है, तो भागा हुआ हर गुनाहगार उसकी जद में आता है। Property Attachment: बिरौल थाना क्षेत्र के कहुआ गांव में पुलिस ने हत्या के एक मामले में फरार चल रहे आठ आरोपियों के घरों पर रविवार को कुर्की की बड़ी कार्रवाई की है।
Property Attachment: पुलिस ने क्यों की यह बड़ी कार्रवाई?
बिरौल। यह कार्रवाई पुलिस की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जब कानून के हाथों से अपराधी बच नहीं सकते। इस मामले में एक आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि बाकी आठ आरोपी लंबे समय से कानून की गिरफ्त से बाहर थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।थानाध्यक्ष चंद्रमणि ने बताया कि पिछले दिसंबर माह में कहुआ गांव में हुई मारपीट के दौरान गणेश महतो गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। इस दुःखद घटना के बाद गणेश महतो की पत्नी के आवेदन पर नंदकिशोर महतो, राजकुमार महतो, सीताराम महतो, कृष्ण कुमार उर्फ कृष महतो, उनकी पत्नी सीता देवी, शुभकांत महतो, उनकी पत्नी सुमित्रा देवी, उनके पुत्र भगवत महतो एवं रजाकांत महतो के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज किया गया था। यह हत्याकांड क्षेत्र में काफी चर्चा का विषय बना हुआ था।
इस मामले में न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद, पुलिस ने एक आरोपी नंदकिशोर महतो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि, शेष आठ अभियुक्त ढाई महीने से भी अधिक समय से फरार चल रहे थे। अनुसंधानक द्वारा न्यायालय से इश्तिहार तामिला होने के बाद उनके घरों पर इश्तिहार चिपकाए गए थे, लेकिन इसके बावजूद आरोपियों ने समर्पण नहीं किया।अब जब सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन हो चुका था और आरोपी लगातार फरार चल रहे थे, तब न्यायालय के आदेश पर बिरौल पुलिस ने बड़ा कदम उठाया। थानाध्यक्ष ने बताया कि न्यायालय से कुर्की का आदेश प्राप्त होने के बाद, शेष बचे सभी आठ अभियुक्तों के घर कुर्की की कार्रवाई की गई है। इस दौरान उनके घरों से सभी चल संपत्तियों को जब्त कर थाना लाया गया है। इस कार्रवाई में बिरौल थानाध्यक्ष चंद्रमणि के अलावा अपर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार, पुलिस अधिकारी अरविंद कुमार एवं QRT (Quick Response Team) के जवान और चौकीदार शामिल थे।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करेंकानून के जानकारों का मानना है कि इस तरह की सख्त Property Attachment से फरार अपराधियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बढ़ता है और उन्हें जल्द से जल्द कानून के सामने हाजिर होने के लिए मजबूर होना पड़ता है। यह भी दर्शाता है कि न्यायपालिका और पुलिस प्रशासन मिलकर अपराध और अपराधियों के खिलाफ मजबूती से खड़े हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जारी है अभियान
बिरौल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भले ही संपत्ति कुर्की की कार्रवाई पूरी हो गई हो, लेकिन फरार चल रहे सभी आठों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सघन अभियान जारी रहेगा। पुलिस टीम लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है और उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने का प्रयास कर रही है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है। इस हत्याकांड के बचे हुए आरोपियों की गिरफ्तारी ही इस पूरे मामले को अंतिम अंजाम तक पहुंचाएगी।




