

उत्तम सेन गुप्ता, बिरौल देशज टाइम्स डिजिटल डेस्क। बिहार शिक्षक संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर विगत 11 जुलाई को धरना प्रदर्शन में शामिल प्रखंड के शिक्षक नेताओं पर हुए निलंबन से प्रखंड के शिक्षकों में व्यापक आक्रोश देखने को मिल रहा है।
विभाग द्वारा किये गए निलंबन से वैसे शिक्षकों को अन्य शिक्षकों का साथ मिलने लगा है।तथा वे संगठन के आगामी रणनीति की प्रतिक्षा कर रहे है। निलंबित शिक्षकों के साथ बिरौल का शिक्षक समुदाय खुलकर सामने आने लगे है।
इसको लेकर उत्क्रमित उच्च विद्यालय कहुआ के प्रांगण में बुधवार को निलंबित शिक्षक नेताओं का सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
समारोह की अध्यक्षता शशिलालन यादव ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापित करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं टीईटी एसटीईटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ गोपगुट के जिला उपाध्यक्ष रंधीर राय ने संबोधित करते हुए कहा कि इस संकट की घड़ी में बिरौल के सभी शिक्षक एक दुसरे के साथ है और हम अपने एक भी शिक्षक साथी का अहित नही होने देंगे।
वही संघ के जिलाध्यक्ष प्रमोद मंडल एवं प्रदेश मिडिया प्रभारी सोनू मिश्रा,जिला उपाध्यक्ष राशिद अनवर, प्रखंड अध्यक्ष मुकेश पोद्दार ने बताया की भारत के सभी नागरिकों को यह अधिकार प्राप्त है की वह शांतिपूर्ण ढंग से धरना प्रदर्शन के माध्यम से अपनी मांग को रखे। ऐसे मे शिक्षकों के द्वारा विधिवत अनुमति लेकर अपने छुट्टी का उपभोग करते हुए कार्यक्रम में भागीदारी की गई थी जिसपर किया गया कार्रवाई पूर्णतः अलोकतांत्रिक है।
हमारी सरकार से मांग है की वह अविलंब हमारे प्रतिनिधियों से वार्ता कर समस्या का समाधान निकाले तथा बिना शर्त राज्यकर्मी का दर्जा दे। मौके पर शाहनवाज आलम, जगन्नाथ झा,मोइन अंसारी, विश्वनाथ मंडल, सुमन कुमार देव, धर्मेंद्र कुमार, सुरेश कामती, लीलाधर यादव, रंजन मंडल, मनोज ठाकुर सहित दर्जनों शिक्षक उपस्थित थे।
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