
Bihar Crime News: अपराध की काली छाया, जब तक न्याय की किरण न पड़े, चैन नहीं। बिहार पुलिस ने ऐसे ही दो मामलों का पर्दाफाश कर अपराधियों को दबोचने की कवायद तेज कर दी है, जहां बैंक से निकलते ही ग्राहकों को शिकार बनाया गया था।
दरभंगा जिले के बिरौल थाना क्षेत्र में हाल ही में बैंक से पैसे निकालकर लौट रहे ग्राहकों को निशाना बनाकर की गई लूट की दो अलग-अलग घटनाओं का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इन वारदातों में शामिल शातिर बदमाशों की पहचान कर ली गई है और लूटी गई अधिकांश राशि भी बरामद कर ली गई है। ग्रामीण एसपी आलोक ने शनिवार को बिरौल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन खुलासों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में बढ़ते अपराध पर लगाम लगाने में बड़ी सफलता मिली है।
बिहार क्राइम न्यूज़: दरभंगा पुलिस की बड़ी कामयाबी
ग्रामीण एसपी ने बताया कि पहली घटना 25 नवंबर को घटी थी। चंद्रकांत यादव, जो चतरा गांव के निवासी हैं, ने एसबीआई बैंक से 1 लाख 5 सौ रुपये की निकासी की थी। बैंक से निकलने के बाद वे बस स्टैंड के पास अपनी बाइक का पंचर बनवाने के लिए रुके थे। इसी दौरान, मौका पाकर अपराधियों ने उनकी बाइक की डिक्की तोड़कर रुपए निकाल लिए। इस मामले में बिरौल थाना में कांड संख्या 495/25 दर्ज किया गया था। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई थी।
दूसरी घटना 8 दिसंबर 2025 को दोपहर करीब 2 बजे सामने आई। बलाट गांव के दुलार चौपाल ने एसबीआई बैंक, सुपौल से 49 हजार रुपये निकाले थे। साइकिल से अपने घर लौटते समय डुमरी मोड़ के पास दो मोटरसाइकिल सवार युवकों ने उन्हें यह कहकर रोका कि “आपका पैसा गिर गया है।” जैसे ही चौपाल नीचे झुके, अपराधियों ने उनकी साइकिल में टंगे झोले से रुपए लेकर तेजी से फरार हो गए। इस संबंध में बिरौल थाना में कांड संख्या 509/25 दर्ज किया गया। इन दोनों वारदातों ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
वरीय पुलिस अधीक्षक जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी के सख्त निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी प्रभाकर चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में थाना अध्यक्ष चंद्रमणि और अपर थाना अध्यक्ष मुकेश कुमार दल-बल के साथ शामिल थे। पुलिस ने त्वरित और गहन कार्यवाही करते हुए तकनीकी और मानवीय अनुसंधान का सहारा लिया। इसके साथ ही, घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिससे अपराधियों की पहचान करने में महत्वपूर्ण सफलता मिली। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
पुलिस जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। इन दोनों वारदातों के पीछे कटिहार से संचालित एक शातिर ‘कोढ़ा गैंग’ का हाथ सामने आया है। यह ‘कटिहार गैंग’ काफी समय से सक्रिय था और बैंक ग्राहकों को अपना निशाना बना रहा था। इस गैंग के काम करने का तरीका भी काफी शातिर था।
मामले का खुलासा और बरामदगी
पुलिस ने इस मामले में आरोपी अनिकेत कुमार, जो कटिहार जिले के जुरावरगढ़ गांव का निवासी है, के घर से 49 हजार रुपये बरामद किए। यह वही राशि है जो दुलार चौपाल से लूटी गई थी। वहीं, दीपू यादव, जो उसी जुरावरगढ़ गांव का निवासी है, के घर से 1 लाख रुपये बरामद किए गए। यह राशि 25 नवंबर की घटना में लूटे गए पैसों में से है। इस कार्रवाई से पुलिस को बड़ी सफलता मिली है और अपराधियों के हौसले पस्त हुए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
ग्रामीण एसपी आलोक ने आगे बताया कि दोनों मामलों में मुख्य अपराधी अभी भी फरार हैं, लेकिन पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। उनके ठिकानों से लूटी गई अधिकांश राशि बरामद कर ली गई है, जिससे यह साफ होता है कि पुलिस की कार्रवाई सही दिशा में है। फरार अपराधियों की लोकेशन ट्रैक की जा रही है और कोर्ट से उनके खिलाफ वारंट निकलवाने की प्रक्रिया भी जारी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि एक और महिला से 49 हजार रुपये की छिनतई के मामले का भी जल्द ही खुलासा किया जाएगा।
पुलिस की अपील और आगे की कार्रवाई
ग्रामीण एसपी आलोक ने आम जनता से अपील की है कि बैंक से बड़ी राशि निकालने के बाद वे विशेष रूप से सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति पर नजर पड़ने पर तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें। पुलिस ने यह भी आश्वासन दिया है कि क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे और अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। इससे जनता में विश्वास बहाली होगी और अपराधों में कमी आएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





