दरभंगा देशज टाइम्स। जिले के बिरौल में बुधवार को एक ऐसा भावुक पल देखने को मिला, जब शिक्षा विभाग के एक कद्दावर अधिकारी को विदाई दी गई। यह सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं था, बल्कि शिक्षा के प्रति उनके समर्पण और उत्कृष्ट सेवाओं का सम्मान था, जिसने पूरे प्रखंड को भावविभोर कर दिया। आखिर क्यों इतनी खास रही यह विदाई?
बिरौल प्रखंड संसाधन केंद्र में आयोजित एक भव्य समारोह में गौड़ाबौराम एवं बिरौल के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी आशानंद हाजरा को उनकी सेवाओं के लिए विदाई सह सम्मान दिया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षकों, शिक्षाविदों और गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की, जो हाजरा जी के प्रति उनके सम्मान और स्नेह को दर्शाता था।
शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और माँ सरस्वती वंदना के साथ हुआ, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और सकारात्मक ऊर्जा से भर उठा। विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी श्री कुन्दन कुमार ने श्री आशानंद हाजरा के व्यक्तित्व और उनके कार्यों की हृदय से सराहना की। उन्होंने कहा कि हाजरा जी का व्यवहार सदैव उत्कृष्ट रहा और उन्होंने हमेशा सहयोग की भावना से काम करते हुए शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
समारोह के दौरान, श्री कृष्ण आइडियल पब्लिक स्कूल के मैनेजिंग डायरेक्टर नवलेश चौधरी ने मिथिला की पारंपरिक संस्कृति का प्रदर्शन करते हुए सभी अतिथियों को पाग-चादर भेंट कर सम्मानित किया। इस सम्मान से कार्यक्रम की गरिमा और भी बढ़ गई, जिससे उपस्थित सभी लोग मंत्रमुग्ध हो गए।
भावुक क्षण और सम्मान की वर्षा
शिक्षक संघ बिहार के प्रदेश सचिव श्री आशुतोष चौधरी ने भी बीईओ श्री आशानंद हाजरा को पांच टुकड़ा वस्त्र और अन्य विदाई सामग्री भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने बताया कि यह उपहार संघ की ओर से उनके प्रति कृतज्ञता और शिक्षा के प्रति उनके समर्पण का प्रतीक है। हाजरा जी की धर्मपत्नी श्रीमती सुगन्धि कुमारी की उपस्थिति ने समारोह में चार चांद लगा दिए और इसे और भी गरिमामय बना दिया। इस अवसर पर हाजरा जी को शॉल, पुष्पमाला और सम्मान-पत्र भी प्रदान किए गए।
मंच पर उपस्थित शिक्षकों और सहकर्मियों ने श्री हाजरा के साथ अपने अनुभवों को भावुक शब्दों में साझा किया, जिससे कार्यक्रम में एक भावनात्मक माहौल बन गया। इसी क्रम में एमडीएम (मध्याह्न भोजन योजना) प्रभारी संजय कुमार को भी पाग-माला पहनाकर सम्मानित किया गया, जो उनके योगदान को रेखांकित करता था।
हाजरा जी का प्रेरक संदेश
अपने विदाई संबोधन में श्री आशानंद हाजरा ने कहा कि शिक्षा उनके लिए केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि जीवन की साधना रही है। उन्होंने बिरौल और गौड़ाबौराम में मिले सम्मान और सहयोग के लिए सभी का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह उनके लिए अत्यंत यादगार रहेगा। उनके शब्दों ने सभी उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया।
पूरे कार्यक्रम का संचालन केशव चौधरी ने अत्यंत कुशलता और प्रभावशाली ढंग से किया, जिसकी सभी ने सराहना की। समारोह का समापन डॉक्टर राजेश कुमार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिन्होंने सभी अतिथियों, शिक्षक साथियों और आयोजन समिति के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में समूह फोटो और जलपान की व्यवस्था भी की गई थी, जिसने इस यादगार अवसर को एक सुखद अंत दिया।
इस अवसर पर कई गणमान्य शिक्षाविद और अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख थे:
- राजेश कुमार पंडित
- रामलाल ठाकुर
- मोहम्मद मेराज
- मोहम्मद इम्तियाज
- मोहम्मद इनायतुल्लाह
- राजेश कुमार
- संजय कुमार महतो
- कृष्णचंद्र आचार्य
- अमरनाथ मुखिया
- प्रधानाचार्य अरुण कुमार
- रामचंद्र राम
- मुकेश पासवान
- लेखपाल सूरज कुमार
- प्रिंस कुमार
- जयशंकर कुमार
- मनोज कुमार




