spot_img

Darbhanga News: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में Business Research शोध के नए आयामों पर चर्चा, जानिए क्या रही मुख्य बातें

spot_img
- Advertisement -

Business Research: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में इन दिनों वाणिज्य के दिग्गज जुट रहे हैं और शोध की नई दिशाओं पर मंथन चल रहा है। आज राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे तकनीकी सत्र में देश भर के विद्वानों ने व्यावसायिक अनुसंधान के समकालीन पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया। क्या कुछ खास रहा इस सत्र में, आइए जानते हैं।ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) के वाणिज्य एवं व्यवसाय प्रशासन विभाग द्वारा आयोजित “समकालीन समय में व्यावसायिक अनुसंधान” विषय पर पांच दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे तकनीकी सत्र का आयोजन आज सफलतापूर्वक किया गया। इस सत्र की अध्यक्षता वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के वाणिज्य विभाग के संकायाध्यक्ष प्रोफेसर एम. एन. पाण्डेय ने की, जबकि पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पटना के वाणिज्य प्राध्यापक प्रोफेसर आर. यू. सिंह विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे।Darbhanga News: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में Business Research शोध के नए आयामों पर चर्चा, जानिए क्या रही मुख्य बातें

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Darbhanga News: दरभंगा-जयनगर NH-527B पर भीषण एक्सीडेंट...ऑटो-स्कूटी की टक्कर में कमतौल के दो युवकों की दर्दनाक मौत

Business Research: आधुनिक शोध परिवेश पर प्रो. आर.यू. सिंह की विस्तृत चर्चा

सत्र की शुरुआत में विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर आर. यू. सिंह ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, मेरु (MERU) और नए व्यावसायिक अनुसंधान परिवेश के विभिन्न आयामों पर गहन चर्चा की। उन्होंने बताया कि किस तरह शिक्षा नीति को नया स्वरूप दिया जा रहा है और इसके पीछे के कारणों की भी विस्तार से व्याख्या की। प्रोफेसर सिंह ने विश्वविद्यालय को प्रधानमंत्री उषा योजना के तहत चयनित होने पर बधाई दी और शोध जगत के नवीनतम पहलुओं की ओर सभी का ध्यान आकर्षित किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

- Advertisement -

प्राचीन ज्ञान परंपरा और मानवीय मूल्यों की प्रासंगिकता

सत्र के अध्यक्ष प्रोफेसर एम. एन. पाण्डेय ने अपने संबोधन में प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा और शिक्षा प्रणाली की विशेषताओं का सजीव वर्णन किया। उन्होंने सभी से अपनी जड़ों की ओर लौटने और मानवीय मूल्यों एवं मानवता का अनुसरण करने का आह्वान किया। प्रोफेसर पाण्डेय के अनुसार, व्यावसायिक अनुसंधान की सार्थकता तभी है जब वह समाज के हितों का भी ध्यान रखे। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे शोध आवश्यक हैं जो आम जनमानस की पीड़ा को कम करने का प्रयास करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Darbhanga News: सड़क सुरक्षा सर्वोपरि...दरभंगा में लापरवाह चालकों पर गिरी गाज, 5 हजार का जुर्माना

तकनीकी सत्र में प्रस्तुत हुए 53 शोधपत्र

इस महत्वपूर्ण तकनीकी सत्र में कुल 53 शोधपत्रों और आलेखों का वाचन किया गया। शोधपत्र वाचकों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और व्यावसायिक अनुसंधान के नवीनतम पक्षों पर अपने विचार साझा किए। सत्र का संचालन डॉ. संजय कुमार झा ने बखूबी किया, जबकि श्री प्रकाश ठाकुर ने सत्र का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Bhagalpur News: ए-बीते हुए कल…तुमने सूली पे लटकते जिसे देखा होगा! | Deshaj Times Special Ep. 07 | कब मिलेगी बाबा Tilka Majhi...

अंग्रेजों की नीति ही यही थी — आदिवासी को आदिवासी से लड़वाओ। जो सबसे...

यात्रीगण ध्यान दें…समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड पर NI कार्य…कई रेल सेवाएं प्रभावित, यात्रा से पहले जानें बड़ा अपडेट

अगर आप समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड से यात्रा करने की सोच रहे हैं तो यह खबर...

Rahul Gandhi Statement: अश्विनी चौबे का पलटवार, कहा- ‘चोर ही सबसे ज्यादा शोर मचाता है’

Rahul Gandhi Statement: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के एक हालिया बयान ने...

मस्जिद समाज सुधार: भागलपुर में इमामों का बड़ा फैसला, अब सिर्फ इबादत नहीं, ऐसे बनेगी सुधार का केंद्र

मस्जिद समाज सुधार: भागलपुर में अब मस्जिदें सिर्फ इबादतगाह नहीं होंगी, बल्कि समाज को...