
Child Trafficking: दरभंगा-अहमदाबाद अंत्योदय एक्सप्रेस में बाल तस्करी की अफवाह ने गुरुवार रात उज्जैन और नागदा रेलवे स्टेशनों पर भारी हड़कंप मचा दिया। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आनन-फानन में ट्रेन को रोककर सघन तलाशी अभियान चलाया, लेकिन गहन जांच के बाद सच्चाई कुछ और ही निकली।
उज्जैन में उतारे गए ‘संदिग्ध’ निकले बालिग
रेल मदद ऐप पर मिली एक शिकायत के आधार पर ट्रेन संख्या 15559 अंत्योदय एक्सप्रेस को उज्जैन स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर पांच पर रोका गया। आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल), जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस), बाल कल्याण समिति और अन्य विभागों की संयुक्त टीम ने तत्काल जांच शुरू की। इस दौरान, चार यात्रियों को संदिग्ध मानकर ट्रेन से उतारा गया। हालांकि, पूछताछ में यह स्पष्ट हो गया कि वे सभी 18-19 वर्ष के बालिग थे और उनके पास यात्रा के लिए वैध टिकट भी मौजूद थे। प्रारंभिक जांच में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं पाई गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
Child Trafficking: नागदा में भी हुई गहन पूछताछ
उज्जैन से रवाना होने के बाद, ट्रेन को नागदा जंक्शन पर भी दोबारा रोका गया। यहां अधिकारियों ने 24 अन्य बच्चों को ट्रेन से उतारकर उनसे विस्तृत पूछताछ की। जांच में सामने आया कि इनमें से 14 बच्चे अपने परिवारों के साथ यात्रा कर रहे थे, जबकि 10 अन्य बच्चे अपने अभिभावकों की पूरी सहमति से यात्रा कर रहे थे। किसी भी बच्चे के संबंध में बाल तस्करी का कोई सबूत नहीं मिला। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
शिकायत के बाद प्रशासन हुआ था अलर्ट
जीआरपी के अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा हड़कंप मनोज जैन नामक एक व्यक्ति द्वारा ‘रेल मदद’ ऐप पर की गई शिकायत के कारण मचा था। शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि ट्रेन के सामान्य डिब्बों में 100 से अधिक नाबालिग बच्चों की Child Trafficking की जा रही है। इसी प्रकार की कुछ सूचनाएं कुछ गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) से भी प्राप्त हुई थीं, जिसके बाद प्रशासन और रेलवे सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गईं। हालांकि, सभी स्तरों पर हुई जांच में शिकायत निराधार पाई गई।
उज्जैन जीआरपी प्रभारी अमित भावसार ने बताया कि प्राथमिक जांच में बाल तस्करी या बाल श्रम जैसी कोई पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट करने के लिए श्रम विभाग और बाल कल्याण समिति के साथ संयुक्त पूछताछ अभी भी जारी है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह घटना रेलवे सुरक्षा के प्रति सतर्कता का एक अच्छा उदाहरण है।






