

Congress in Bihar: विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार के बाद अब कांग्रेस पार्टी बिहार में अपनी जड़ों को नए सिरे से सींचने की तैयारी में है, जिसके लिए दिल्ली से एक खास ‘फॉर्मूला’ दरभंगा पहुंचा है।Congress in Bihar: विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद गहरी नींद में सोई कांग्रेस अब जागने की कोशिश कर रही है। पार्टी ने संगठन को बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक धारदार और मजबूत बनाने के लिए एक नया अभियान शुरू किया है, जिसका नाम ‘संगठन सृजन’ है।
इसी सिलसिले में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की पर्यवेक्षक संगीता बेनीवाल दरभंगा पहुंची हैं, जहां उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों के चयन की नई प्रक्रिया का खुलासा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब पार्टी में पदों का चयन पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से किया जाएगा। Congress in Bihar: अब पारदर्शी तरीके से चुने जाएंगे जिलाध्यक्ष और प्रखंड अध्यक्ष संगीता बेनीवाल ने जानकारी देते हुए कहा कि “संगठन सृजन” कार्यक्रम के तहत पार्टी में जिलाध्यक्ष से लेकर प्रखंड अध्यक्षों तक की नियुक्ति एक नई और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से होगी।
उन्होंने कहा, “इस अभियान का मुख्य उद्देश्य कांग्रेस के संगठन को जमीनी स्तर पर फिर से जीवित करना है।” आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बेनीवाल ने यह भी बताया कि वह लगभग एक सप्ताह तक जिले में ही रुकेंगी और सभी प्रखंडों के कार्यकर्ताओं के साथ व्यक्तिगत रूप से बैठक कर उनकी राय और समस्याओं को सुनेंगी। इन बैठकों से प्राप्त फीडबैक को सीधे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाया जाएगा।उन्होंने बताया कि बुधवार को जिला कांग्रेस कार्यालय में सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ ‘वन-टू-वन’ बातचीत का कार्यक्रम भी निर्धारित है। इसका मकसद संगठन की खामियों को समझना और भविष्य की रणनीति तैयार करना है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।’डबल इंजन’ सरकार पर साधा निशानाइस मौके पर संगीता बेनीवाल ने बिहार की ‘डबल इंजन’ सरकार पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार का सिस्टम पूरी तरह से फेल हो चुका है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने कहा, “राज्य में छोटी-छोटी बच्चियों और छात्राओं के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटनाएं आम हो गई हैं, लेकिन सरकार इन सब से बेखबर बनी हुई है।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल आंकड़ों का खेल खेल रही है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही है। उनके आगमन पर स्थानीय कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस पूरे अभियान का लक्ष्य पार्टी की खोई हुई जमीन को वापस पाना और आगामी चुनावों के लिए एक मजबूत कैडर तैयार करना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


