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फ़रवरी, 15, 2026
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दरभंगा में चक्रवाती आंधी-तूफान-बारिश, नुकसान भी, पेड़-पौधे धाराशाही हुए, बिजली गुल रही… मगर जाले के कृषि वैज्ञानिकों ने कह दी बड़ी बात…क्षति भी खुली नसीब भी

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जाले, देशज टाइम्स। बीती बुधवार की रात जाले क्षेत्र में चक्रवाती आंधी तूफान बारिश से सैकड़ों पेड़ पौधे धारा सही हो गए। इस तूफान से जगह जगह बिजली का तार पोल एवं बिजली के तार इंसुलेटर के पंचर होने से क्षेत्र का बिजली पवार 8 घंटे से अधिक बाधित रही।
अचानक संध्या साढ़े सात बजे तेज़ चक्रवाती तूफान के साथ बारिश प्रारंभ हो गई। जिससे अधिकतम 43 डिग्री सेल्सियस तापमान से सीधे 33 डिग्री सेल्सियस तापमान में गिरावट दर्ज होने से भीषण गर्मी से लोगो को राहत मिली।
कृषि विज्ञान केंद्र जाले के पौधा संरक्षण विज्ञानी डॉ. गौतम कुणाल का कहना है कि कई दिनों से गर्मी से परेशान हो रहे लोगों को बीते रात हुई वर्षा आंधी से राहत मिली तो कई कृषकों किसानों के बाग में लगे आम लीची आदि फल झड़ने से कारण नुकसान भी हुआ है।

कृषि विज्ञान केंद्र जाले के पौध संरक्षण वैज्ञानिक उन्होंने बताया कि बारिश के कारण तापमान में 4 से 5 डिग्री तक की गिरावट हुई है। इस बारिश से आम और लीची पेड़ में लगे फसल को फायदा पहुंचेगा।

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जिले में अधिकांश लीची व आम के बागों में फल पकने की अवस्था में आ चुकी है, इस बारिश से इन फलों को पकने में सहायता मिलेगी। यह बारिश मूंग, मडुआ, तिल एवं सब्जी वाली फसलों के लिए लाभदायक है। साथ ही बारिश के कारण जगह जगह पर जलजमाव से लोगों को थोड़ी परेशानी भी झेलनी पड़ रही है।

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उन्होंने बताया कि वैसे किसान जिनकी खेत खाली है तथा उसमें खरीफ धान की नर्सरी समय से लगाना चाहते हैं। वैसे किसान भाई खेत की तैयारी शुरू कर दें।

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साथ ही स्वस्थ पौधे के लिए नर्सरी में सड़ी हुई गोबर की खाद का इस्तेमाल करें। संभव हो तो नर्सरी में बिछड़ा लगाने के लिए उपचारित बीज का ही प्रयोग करें इससे कीट एवं रोग व्याधि से निजात मिलेगी।

उन्होंने बताया कि जैसे ही आम पकना शुरू होगा फल-मक्खी का प्रभाव देखने को मिलेगा अतः कृषकों को यह सुझाव दी जाती है की फल मक्खी के नियंत्रण हेतु अपने बागों में मिथाइल यूजीनाॅल का प्रयोग करें।

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