Ayushman Bharat Scheme: स्वास्थ्य सेवाओं की गंगा अब दरभंगा के और दरवाज़ों पर दस्तक देगी, क्योंकि आयुष्मान भारत की छतरी और बड़ी हो गई है। जिले में अब 19 और निजी अस्पतालों को इस योजना के तहत सूचीबद्ध कर लिया गया है, जिससे आम लोगों के लिए बेहतर इलाज के रास्ते और भी आसान हो गए हैं। जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में हुई डिस्ट्रिक्ट एम्पैनलमेंट कमिटी (डीईसी) की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
Ayushman Bharat Scheme के तहत सूचीबद्ध हुए ये 19 नए अस्पताल
दरभंगा, 07 जनवरी, 2026। जिले के लाखों आयुष्मान कार्डधारकों के लिए यह एक बड़ी खुशखबरी है। अब उन्हें इलाज के लिए और अधिक विकल्प मिलेंगे। बैठक में कुल 19 नए निजी अस्पतालों को पैनल में शामिल करने की स्वीकृति प्रदान की गई। इससे पहले जिले में 38 अस्पताल इस योजना के तहत अपनी सेवाएं दे रहे थे। अब यह संख्या बढ़कर 57 हो गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सूचीबद्ध किए गए नए अस्पतालों की सूची इस प्रकार है:
- प्रथमा हॉस्पिटल
- वेदांत हॉस्पिटल
- शिवांश मैटरनिटी सेन्टर
- ईआरए लाइफ केयर
- श्री राम जानकी आरोग्य निकेतन
- डॉ.विवेकानंद पॉल क्लिनिक
- गोदावरी जीवछ मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर
- एलिट हॉस्पिटल
- पन्ना यूरो स्टोन एंड ईएनटी हॉस्पिटल
- विजन आई हॉस्पिटल
- बाबा कुशेश्वरनाथ स्वास्थ्य सेवा सदन
- आदिती नर्सिंग होम एंड हॉस्पिटल
- लक्ष्मी मेडिकेयर
- ग्लोबल हेल्थ केयर एंड डायबिटीज रिसर्च सेंटर
- मैं हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर
- यू.एन हॉस्पिटल
- सिंह सर्जिकल एंड लेप्रोस्कॉपी सेंटर
- डीसीएच इंडिया मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल
- फ़रीदिया हॉस्पिटल
इस विस्तार का मुख्य उद्देश्य जिले के आम नागरिकों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। अब आयुष्मान कार्डधारक इन नए सूचीबद्ध निजी अस्पताल में भी 5 लाख रुपये तक की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा का लाभ उठा सकेंगे, जिससे गंभीर बीमारियों के इलाज में बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।
जिलाधिकारी ने दिया 50 हजार नए कार्ड बनाने का लक्ष्य
बैठक के दौरान जिलाधिकारी कौशल कुमार ने संबंधित अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने सिविल सर्जन दरभंगा डॉ. अरुण कुमार और आयुष्मान भारत योजना के आईटी प्रबंधक श्री प्रभाकर रंजन को प्रतिदिन 2,000 से 2,500 आयुष्मान कार्ड अनिवार्य रूप से बनाने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, जनवरी माह के अंत तक 50 हजार नए आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
यह उल्लेखनीय है कि जिलाधिकारी के सफल मार्गदर्शन में पिछले 6 महीनों के दौरान 6 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिसका सीधा लाभ जिले के लाखों रोगियों को मिला है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आयुष्मान कार्ड निर्माण और अस्पतालों के एम्पैनलमेंट की प्रक्रिया में और तेजी लाई जाए, ताकि जिले का कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार, उप निदेशक जनसंपर्क सत्येंद्र प्रसाद, आईटी प्रबंधक आयुष्मान प्रभाकर रंजन, और डॉ. रवि कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



