

Darbhanga News: जैसे दीमक लकड़ी को खोखला कर देती है, वैसे ही कुछ कुरीतियां समाज की नींव को कमजोर करती हैं। बाल विवाह भी एक ऐसी ही सामाजिक बुराई है, जिसके खिलाफ अब दरभंगा जिला प्रशासन ने कमर कस ली है और इसे जड़ से खत्म करने का बीड़ा उठाया है। इसी कड़ी में महिला एवं बाल विकास निगम के मार्गदर्शन में जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन (DHEW) द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है।
Darbhanga News: सिंहवाड़ा में जलाई गई जागरूकता की मशाल
जिले के सिंहवाड़ा प्रखंड स्थित +2 बालिका उच्च विद्यालय, रामपुरा के प्रांगण में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के तहत आयोजित ‘विशेष सखी वार्ता’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को बाल विवाह, लैंगिक हिंसा और दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति सजग करना था। DHEW की टीम ने छात्राओं को इन बुराइयों के कानूनी और सामाजिक पहलुओं से अवगत कराया।
कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि बाल विवाह एक कानूनन अपराध है, जिसका बालिकाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर अत्यंत गंभीर और नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। टीम का प्रयास समाज के अंतिम व्यक्ति तक यह संदेश पहुंचाना है कि बेटियों को शिक्षा का अधिकार देकर ही एक मजबूत समाज का निर्माण किया जा सकता है।
छात्राओं को दी गई कानूनी और सरकारी सेवाओं की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान DHEW की टीम, जिसमें जिला परियोजना प्रबंधक ब्रजेश कुमार सिंह, जिला मिशन समन्वयक ऋषि कुमार, और वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ वीरेन्द्र कुमार शामिल थे, ने छात्राओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने विवाह की वैधानिक आयु और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की। इसके अतिरिक्त, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और आज के डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा के महत्व पर भी जानकारी साझा की गई।
छात्राओं को यह भी बताया गया कि किसी भी संकट की स्थिति में वे अकेली नहीं हैं। उनके लिए कई सरकारी सहायता सेवाएं उपलब्ध हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। किसी भी आपातकालीन स्थिति में मदद के लिए इन हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग किया जा सकता है:
- सखी वन स्टॉप सेंटर
- चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098
- महिला हेल्पलाइन: 181
- इमरजेंसी हेल्पलाइन: 112
इन नंबरों के माध्यम से कानूनी सहायता, परामर्श सेवा, अस्थायी आश्रय, मेडिकल सहायता एवं पुलिस सहयोग जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं प्राप्त की जा सकती हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
शिक्षा और आत्मविश्वास पर दिया गया जोर
संवाद सत्र के दौरान छात्राओं को अपनी शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें सिखाया गया कि वे पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर बिना झिझक उपलब्ध सरकारी सेवाओं का लाभ उठाएं। यह एक ऐसा कदम है जो न केवल उन्हें सशक्त बनाएगा, बल्कि समाज में एक सकारात्मक बदलाव भी लाएगा।
कार्यक्रम का समापन एक शपथ ग्रहण समारोह के साथ हुआ। विद्यालय के प्रधानाध्यापक, सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्राओं सहित उपस्थित सभी लोगों ने मिलकर एक बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण की शपथ ली। यह शपथ इस बात का प्रतीक थी कि समाज की इस गंभीर बुराई को समाप्त करने के लिए अब हर कोई एकजुट है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

