
Chaiti Chhath Puja: लोकआस्था का महापर्व एक बार फिर दस्तक दे रहा है और पूरा बिहार भक्ति के सागर में गोते लगाने को तैयार है। दरभंगा में भी चैती छठ को लेकर तैयारियां आसमान छू रही हैं, जहां प्रशासन ने सुरक्षा का ऐसा चक्रव्यूह रचा है कि परिंदा भी पर न मार सके। जिला दंडाधिकारी (DM) श्री कौशल और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने एक संयुक्त आदेश जारी करते हुए पूरे जिले में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं। इस वर्ष यह पर्व 22 मार्च से 25 मार्च 2026 तक मनाया जाएगा, जिसकी शुरुआत 22 मार्च को नहाय-खाय से होगी और समापन 25 मार्च को सुबह के अर्घ्य के साथ होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। आदेश के अनुसार, जिले के 62 संवेदनशील स्थलों पर मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है। सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों और पुलिस बलों को 24 मार्च की सुबह से ही अपने-अपने कर्तव्य स्थल पर तैनात रहने का निर्देश दिया गया है, जो पर्व की समाप्ति तक वहां मौजूद रहेंगे। प्रशासन का मुख्य फोकस छठ घाटों पर उमड़ने वाली भीड़ के प्रबंधन और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने पर है।
Chaiti Chhath Puja को लेकर प्रशासन का एक्शन प्लान
प्रशासन ने सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। DM और SSP ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने या अफवाह फैलाकर सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिले की विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे तत्वों की गतिविधियों पर खुफिया नजर रखी जा रही है। सभी थानाध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्रों में शांति समिति की बैठक करने और सदस्यों के संपर्क में रहने का निर्देश दिया गया है।
अफवाह फैलाने वालों पर रहेगी कड़ी नजर
पर्व के दौरान यातायात एक बड़ी चुनौती होती है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इससे निपटने के लिए यातायात उपाधीक्षक को छठ घाटों की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों और चौक-चौराहों पर सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ट्रैफिक पुलिस की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि छठ घाट के आसपास किसी भी तरह के बड़े या छोटे वाहन की पार्किंग न हो, ताकि व्रतियों को आने-जाने में कोई परेशानी न हो। इसके अलावा, छठ घाटों पर पटाखे फोड़ने और बेचने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
चिकित्सा और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सिविल सर्जन को जिला नियंत्रण कक्ष में एम्बुलेंस, डॉक्टरों की टीम और जीवन रक्षक दवाओं के साथ तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। वहीं, अग्निशमन विभाग की गाड़ी भी हर सुविधा के साथ नियंत्रण कक्ष में तैनात रहेगी। सभी अंचलाधिकारियों को खतरनाक घाटों पर गोताखोरों, नाव, महाजाल और रस्सी की व्यवस्था करने को कहा गया है। विद्युत विभाग को निर्देश दिया गया है कि वे पूजा समितियों द्वारा की गई लाइटिंग की जांच कर सुरक्षा सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी न हो। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि बेहतर विधि-व्यवस्था बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।




