Darbhanga Airport News: अब रातों में भी दरभंगा एयरपोर्ट से भरिए उड़ान, विस्तार और नाइट लैंडिंग का रास्ता साफ, महामंथन, क्या अंतरराष्ट्रीय हवाई नेटवर्क पर दिखेगी मिथिला की तस्वीर? मिथिलांचल की उड़ान को नई ऊँचाई देने की कवायद तेज़ हो गई है। दिल्ली में दरभंगा एयरपोर्ट के विस्तार और नाइट लैंडिंग समेत कई अहम मुद्दों पर उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें क्षेत्र के सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। क्या अब यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी और किराया भी कम होगा?
मिथिला क्षेत्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हवाई नेटवर्क से जोड़ने के लिए ठोस पहल की जा रही है। सोमवार देर शाम, स्थानीय सांसद और दरभंगा एयरपोर्ट सलाहकार समिति के चेयरमैन डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने दिल्ली में नागर विमानन मंत्रालय के कक्ष में एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में एयरपोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन विपिन कुमार, सिविल एविएशन विभाग के सेक्रेटरी समीर कुमार, मेंबर प्लानिंग अनिल गुप्ता और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ऑपरेशन एस.एस. राजू सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान दरभंगा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण, नाइट लैंडिंग सुविधा के शीघ्र संचालन, अत्याधुनिक यात्री सुविधाओं के विकास, एयर कनेक्टिविटी विस्तार और यात्री क्षमता वृद्धि जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में यह भी समीक्षा की गई कि दरभंगा एयरपोर्ट का विकास मिथिला में पर्यटन, व्यापार, निवेश एवं रोजगार के नए अवसर कैसे सृजित कर सकता है। सांसद डॉ. ठाकुर ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का एविएशन सेक्टर नई ऊंचाइयों को छू रहा है और दरभंगा एयरपोर्ट का निरंतर विकास इसका एक ज्वलंत उदाहरण है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि दरभंगा एयरपोर्ट पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल की समयावधि बढ़ाने के लिए एयरफोर्स स्टेशन और रक्षा मंत्रालय के बीच समन्वय बढ़ाना आवश्यक है, ताकि नाइट लैंडिंग जैसी सुविधाओं को जल्द से जल्द शुरू किया जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
दरभंगा एयरपोर्ट का विस्तार और यात्री सुविधाओं पर जोर
सांसद डॉ. ठाकुर ने बैठक में एयरपोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन और मंत्रालय के सचिव सहित अन्य अधिकारियों के साथ दरभंगा एयरपोर्ट के रनवे पर नव स्थापित कैट-2 लाइट के शुभारंभ के लिए रक्षा मंत्री और नागर विमानन मंत्री को आमंत्रित करने पर भी चर्चा की। उनका मानना है कि इस एयरपोर्ट से रात्रि कालीन विमान सेवा शुरू हो जाने से मिथिला क्षेत्र का राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय हवाई कनेक्टिविटी से सीधा संपर्क हो जाएगा, जो हवाई यात्रियों के लिए वरदान साबित होगा। उन्होंने अधिकारियों से दरभंगा एयरपोर्ट से परिचालित यात्री विमानों के किराया निर्धारण के लिए एयरपोर्ट सलाहकार समिति की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित करने का सुझाव दिया, ताकि पटना सहित अन्य एयरपोर्ट से तय किराए के मापदंड का ख्याल रखा जा सके।
सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर अहम सुझाव
डॉ. ठाकुर ने दरभंगा एयरपोर्ट और एयरफोर्स स्टेशन की संपूर्ण भूमि पर चारदीवारी निर्माण और फेंसिंग की उपयुक्त व्यवस्था पर चर्चा करते हुए कहा कि इस एयरपोर्ट के चारों तरफ एनएच और फोरलेन की सड़कें अंतर्राष्ट्रीय सीमा तक जुड़ी हुई हैं, इसलिए हर दृष्टि से इस हवाई अड्डे का अपारदर्शी होना आवश्यक है। उन्होंने इस एयरपोर्ट पर कार्यरत सीआईएसएफ के अधिकारियों और जवानों के लिए आवास सहित अन्य सुविधाओं हेतु एक सौ एकड़ जमीन के प्रस्ताव को शीघ्र अमल में लाने का सुझाव दिया। उनके अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए मान्यता प्राप्त करने हेतु ऐसी औपचारिकताओं का पूरा किया जाना नितांत आवश्यक है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
मिथिला की पहचान और नई ऊँचाइयाँ
सांसद डॉ. ठाकुर ने अधिकारियों के समक्ष कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे, जिन पर शीघ्र पहल करने का आग्रह किया गया:
- कवि कोकिल बाबा विद्यापति के नाम पर दरभंगा एयरपोर्ट का नामकरण।
- उड़ान कैफे योजना के तहत कैंटीन की व्यवस्था।
- एयरपोर्ट पर सभी प्रकार के साइन बोर्ड और एयरपोर्ट का नाम मिथिलाक्षर में अंकित करना।
- यात्रियों को मैथिली भाषा में सभी प्रकार की जानकारी उपलब्ध कराना।
- वृद्ध तथा दिव्यांगजनों के लिए ई-वाहन की व्यवस्था।
- वाहन पार्किंग का आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं में बढ़ोतरी।
इन सभी सुझावों का उद्देश्य दरभंगा एयरपोर्ट को एक विश्वस्तरीय हब बनाना है जो न केवल यात्रियों को सुविधाएँ प्रदान करे बल्कि मिथिला क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।







