
Darbhanga News: जब स्कूल बस ‘मौत का ताबूत’ बन जाए तो कलेजा मुंह को आ ही जाता है। दरभंगा में ठीक ऐसा ही हुआ, जहां एक मासूम की जिंदगी स्कूल प्रबंधन की लापरवाही की भेंट चढ़ गई। मंगलवार को सदर थाना क्षेत्र के लोआम गांव स्थित अमन एकेडमी स्कूल की बस से गिरकर तीसरी कक्षा के एक छात्र की दर्दनाक मौत हो गई, जिसके बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया।
Darbhanga News: जर्जर बस और प्रबंधन की लापरवाही ने ली जान
जानकारी के अनुसार, अमन एकेडमी की स्कूल बस छुट्टी के बाद करीब 6 छात्रों को लेकर उनके घर छोड़ने जा रही थी। इसी दौरान एनएच-27 पर स्थित एक पेट्रोल पंप के पास मोड़ पर बस के टूटे हुए गेट से मोहम्मद समर (पिता- मोहम्मद चमन) नाम का छात्र बाहर सड़क पर गिर गया। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण बच्चे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद बस का चालक गाड़ी वहीं छोड़कर फरार हो गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। स्थानीय लोगों ने मानवता दिखाते हुए बस में मौजूद अन्य बच्चों को सुरक्षित उनके घर पहुंचाया।
हादसे की खबर मिलते ही स्कूल प्रबंधन भी मौके से नदारद हो गया और परिजनों के कॉल तक का जवाब नहीं दिया। इस बात से गुस्साए ग्रामीणों ने स्कूल पहुंचकर जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची सदर थाना की पुलिस ने किसी तरह मामले को शांत कराया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया।
परिजनों का आरोप- पहले भी की थी शिकायत
मृतक छात्र के पिता मोहम्मद चमन ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने अपने आवेदन में स्पष्ट रूप से कहा है कि बस की जर्जर हालत को लेकर उन्होंने कई बार स्कूल प्रबंधन से शिकायत की थी, लेकिन उनकी बातों को अनसुना कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन की इसी घोर लापरवाही के कारण आज उनके बच्चे की जान चली गई। इस दर्दनाक school bus accident ने जिले के सभी अभिभावकों को चिंता में डाल दिया है। बुधवार को प्रशासन की जांच टीम के पहुंचने पर स्कूल को खुलवाया गया और कक्षाओं से लेकर वाहनों तक की सघन जांच की गई।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि अगर समय रहते बस की मरम्मत करा दी जाती और सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा जाता तो यह दर्दनाक हादसा नहीं होता। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
क्या जिले में चल रही हैं खटारा बसें?
इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। छात्र के परिजनों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जिले के सभी स्कूलों की बसों की नियमित जांच परिवहन विभाग द्वारा की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी और बच्चे की जान इस तरह न जाए। यह सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है कि बच्चों को स्कूल ले जाने वाली गाड़ियां पूरी तरह सुरक्षित हों। इस मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





