Darbhanga ATM Fraud: पैसों का लालच या मदद का झांसा, हर दरवाजे पर अब ठगों का साया है। जब तकनीकी सुविधाएं बढ़ रही हैं, तो धोखेबाजों ने भी अपनी चालें बदल दी हैं।
दरभंगा ATM फ्रॉड: झांसे में फंसाकर उड़ाये 33,350 रुपये, नेपाल यात्रा पर निकले व्यक्ति के उड़े होश
दरभंगा जिले में Darbhanga ATM Fraud का एक नया और शातिराना तरीका इजाद किया है। अब वे मदद के बहाने भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं और उनके खून-पसीने की कमाई को पलक झपकते ही उड़ा ले रहे हैं। ऐसा ही एक ताजा मामला रविवार को बेला सुंदरपुर स्थित दुर्गा मंदिर के पास लगे एचडीएफसी बैंक के एटीएम में सामने आया, जहाँ एक व्यक्ति के खाते से 33,350 रुपये उड़ा लिए गए।
पीड़ित माधव कुमार सिंह, जो नेपाल यात्रा पर जाने वाले थे, सकरा भगवती स्थान के लिए निकले थे और रास्ते में एटीएम से रुपये निकालने पहुंचे। उन्होंने जैसे ही अपना कार्ड मशीन में डाला और पिन नंबर दर्ज किया, न तो रुपये निकले और न ही उनका कार्ड बाहर आया; वह मशीन में ही फंस गया। इस अप्रत्याशित घटना से वे सकते में आ गए।
दरभंगा ATM फ्रॉड के नए पैंतरे: मदद के बहाने दिया धोखा
एटीएम मशीन के भीतर एक मोबाइल नंबर चिपका हुआ था। मदद की आस में माधव कुमार सिंह ने उस नंबर पर कॉल किया। कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक कर्मचारी बताया और उन्हें सहायता का झांसा देकर कादिराबाद पुराने बस स्टैंड के पास बुला लिया। यह समझना मुश्किल नहीं कि यह जालसाजी का एक तरीका था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।जैसे ही पीड़ित बताए गए स्थान पर पहुंचे, उनके मोबाइल पर लगातार खाते से पैसे निकलने के मैसेज आने लगे। कुछ ही देर में उनके खाते से कुल 33,350 रुपये गायब हो चुके थे। जब तक वे वापस एटीएम पहुंचे, तब तक शातिर ठग मौके से फरार हो चुका था। यह एक सोची समझी साइबर ठगी का मामला था, जिसमें अपराधियों ने तकनीक का दुरुपयोग किया।घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने तत्काल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर एटीएम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस साइबर ठगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए गहन जांच में जुटी है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। ऐसी घटनाओं से बचने के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है।
पुलिस की चेतावनी: धोखाधड़ी से बचने के उपाय
विश्वविद्यालय थाना के एएसआई विश्वनाथ राय ने बताया कि पीड़ित एटीएम से पैसे निकालने आए थे। कार्ड डालने और पिन डालने के बाद पैसे नहीं निकले और उनका कार्ड एटीएम मशीन में फंस गया। इसके बाद पीड़ित वहां से चले गए। एटीएम मशीन के अंदर शिकायत के नाम पर एक फर्जी मोबाइल नंबर लिखा हुआ था, जिस पर पीड़ित ने फोन किया। कॉल करने वाले ने उन्हें कादिराबाद आने को कहा, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।पुलिस के अनुसार, एटीएम के अंदर लिखा गया मोबाइल नंबर पूरी तरह फर्जी और फ्रॉड नंबर है, जिसका एचडीएफसी बैंक से कोई लेना-देना नहीं है। इस मामले में पुलिस एटीएम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और मोबाइल नंबर 6387016056 की भी जांच कर रही है, जो अब बंद आ रहा है।पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि एटीएम मशीन में चिपके किसी भी अनजान नंबर पर कॉल न करें। कार्ड फंसने की स्थिति में सीधे बैंक की आधिकारिक हेल्पलाइन या नजदीकी शाखा से संपर्क करें। किसी भी हाल में एटीएम से दूर जाने या अपनी बैंक संबंधी जानकारी साझा करने से बचें। पुलिस का कहना है कि सतर्कता ही ऐसे साइबर ठगी के अपराधों से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है। एएसआई विश्वनाथ राय ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा और अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




