
Darbhanga Bank Strike: देश की वित्तीय धमनियों में अचानक रक्तचाप बढ़ गया है, जब कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर कामकाज ठप कर दिया। सप्ताह में पांच दिन काम की पुरानी मांग फिर से सुलग उठी है, जिसने बैंकिंग सेवाओं को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
बैंक हड़ताल: दरभंगा समेत देशभर में ठप बैंकिंग सेवाएं, अरबों का कारोबार प्रभावित
पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग पर बैंक हड़ताल
पूरे भारत के साथ-साथ दरभंगा में भी बैंकिंग कार्य अवधि को सप्ताह में 5 दिन करने की मांग को लेकर बैंक पूरी तरह बंद रहे। 26 जनवरी की मध्यरात्रि 12:00 बजे से लेकर 27 जनवरी की मध्यरात्रि 12:00 बजे तक बैंक के सभी अधिकारी और कर्मचारी कार्य का बहिष्कार कर हड़ताल पर डटे रहे। इस एक दिवसीय हड़ताल के कारण करोड़ों रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ है।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की दरभंगा शाखा के कुमार विष्णु मोहन ने बताया कि सरकार द्वारा दो वर्ष पूर्व ही सप्ताह में 5 दिन की बैंकिंग कार्यप्रणाली को लागू करने पर सहमति बनी थी। हालांकि, अब तक इसे अमल में नहीं लाया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस हड़ताल के बाद भी पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग पूरी नहीं की जाती है, तो जल्द ही कर्मचारी एक बार फिर से हड़ताल पर चले जाएंगे। प्रदर्शनकारी भारत सरकार और वित्त मंत्री के खिलाफ नारे लगा रहे थे।कुमार विष्णु मोहन ने यह भी बताया कि भारत सरकार के कई कार्यालय जैसे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI), भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) सहित अन्य संस्थान सप्ताह में केवल पांच दिन ही काम करते हैं, जबकि बैंकों में कर्मचारियों को सप्ताह में छह दिन काम करना पड़ रहा है। उन्होंने स्मरण कराया कि भारत सरकार और संगठन के बीच 8 मार्च 2024 को एक समझौता हुआ था कि सप्ताह में 5 दिन ही बैंकिंग कार्य किया जाएगा, लेकिन इस समझौते को भी अब तक लागू नहीं किया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।कर्मचारियों ने कहा कि वे सरकार के आदेश का इंतजार करते रहे, लेकिन जब कोई आदेश नहीं आया, तो मजबूरन उन्हें आज हड़ताल पर जाना पड़ा। जिले के सभी बैंक बंद होने से खाताधारकों को परेशानी का सामना करना पड़ा और वे बैंक से निराश होकर वापस लौटते दिखे। हालांकि, ग्राहकों की सुविधा के लिए एटीएम खुले रहे।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
बैंककर्मियों की प्रमुख मांगें और भविष्य की रणनीति
इस हड़ताल में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य प्रबंधक प्रणय कुमार झा, सचिव कुमार विष्णु मोहन, अवधेश कुमार ठाकुर, सुनील कुमार, मानसी, मेघा वत्स, शिवाकुमार झा, संजीत पासवान, प्रकाश कुमार, राहुल आनंद, शिवेश्वर मल्लिक, रामनरेश पासवान, संजीव कुमार संजीव, पंकज कुमार सहित कई अन्य कर्मचारी शामिल रहे।इसी तरह, बैंक ऑफ बड़ौदा की लहेरियासराय शाखा भी पूरी तरह बंद रही। इस शाखा से शाखा प्रबंधक राकेश कुमार श्रीवास्तव, भूपेश मेहरा, खुश सिन्हा, रितुजा रागिनी, दुर्गा कुमारी, प्रदीप राम सहित दर्जनों स्टाफ ने हड़ताल में भाग लिया। बैंक कर्मचारी सरकार से अपने पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर एकजुट दिख रहे हैं और उनका कहना है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी जाती हैं, तो वे आगे भी आंदोलन जारी रखेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




