Darbhanga News: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) और जिला विधिक सेवा प्राधिकार दरभंगा के संयुक्त तत्वावधान में बेनीपुर न्यायालय परिसर में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम वरिष्ठजनों के अधिकार, सशक्तिकरण और गरिमा विषय पर जागरूकता और संवेदीकरण के लिए था। इसमें न्यायिक अधिकारियों ने वृद्धजनों के सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा पर विशेष जोर दिया।
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Darbhanga Senior Citizen Rights: दरभंगा कोर्ट की बड़ी पहल: ‘बुजुर्ग समाज की धरोहर, उन्हें मिले पूरा सम्मान’
Darbhanga Senior Citizen Rights: बिहार के दरभंगा जिले के बेनीपुर न्यायालय परिसर में वरिष्ठजनों के अधिकारों और सम्मान को लेकर एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) और जिला विधिक सेवा प्राधिकार दरभंगा के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस आयोजन में न्यायिक अधिकारियों ने वृद्धजनों के प्रति समाज की जिम्मेदारी पर जोर दिया।
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बुजुर्गों को सम्मान का अधिकार: न्यायिक अधिकारी
अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम रौशन कुमार छापोलिया ने इस अवसर पर कहा कि बुजुर्ग हमारे समाज की अनमोल धरोहर और मार्गदर्शक हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वरिष्ठजनों को भी गरिमा और सम्मान के साथ जीवन जीने का पूरा अधिकार है। उन्होंने समाज से बुजुर्गों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने की अपील की ताकि उन्हें शारीरिक, मानसिक, आर्थिक या सामाजिक शोषण, उपेक्षा और दुर्व्यवहार से बचाया जा सके।
वरिष्ठजनों के अनुभव से सीखें
अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी सह सचिव अनुमंडल विधिक सेवा समिति बेनीपुर रोहित कुमार गुप्ता ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठजन हमारे लिए पथ प्रदर्शक होते हैं और उनके जीवन के अनुभवों से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है। इस कार्यक्रम में बेनीपुर अधिवक्ता संघ के कई वरिष्ठ सदस्यों, जिनमें देवेंद्र यादव, चौधरी श्याम चंद्र राय, जगन्नाथ साहु, सेवती कुमार प्रसाद और रामसागर झा शामिल थे, को सम्मानित भी किया गया। संघ के सचिव संजीव कुमार झा ने इन वरिष्ठ सदस्यों के योगदान की सराहना की।
कार्यक्रम में सिविल जज श्रेया कुशवाहा सहित कई अधिवक्तागण जैसे राममोहन झा, अमरेश झा, शेषनाथ दास, रविंद्र कुमार चौधरी, पूर्व महासचिव अमित कुमार झा, गजनफर अली खान, नवाज अहमद, गुणानंद झा, नवीन ठाकुर, विनोद कुमार मिश्र, हैदर अली और अमोल कुमार झा भी मौजूद थे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी प्रावधानों से अवगत कराना था। ऐसे आयोजन वृद्धजनों के सशक्तिकरण और उन्हें सम्मानपूर्ण जीवन देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होते हैं।
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वृद्धजनों का सम्मान समाज की जिम्मेदारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम, श्री रौशन कुमार छापोलिया ने कहा कि हमारे समाज में बुजुर्गों का स्थान धरोहर और मार्गदर्शक के रूप में है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वृद्धजनों को भी गरिमा और सम्मान के साथ जीने का अधिकार है। छापोलिया ने समाज से संवेदनशीलता बढ़ाने का आह्वान किया, ताकि वृद्धजनों के साथ होने वाले शारीरिक, मानसिक, आर्थिक शोषण, उपेक्षा और दुर्व्यवहार को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।
अनुभवों से मिलती है प्रेरणा
अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी सह सचिव, अनुमंडल विधिक सेवा समिति बेनीपुर, श्री रोहित कुमार गुप्ता ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वरिष्ठजन हमारे पथ प्रदर्शक होते हैं और उनके जीवन के अनुभवों से हमें बहुत कुछ सीखने और प्रेरणा लेने को मिलता है। उन्होंने समाज में वृद्धजनों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
वरिष्ठ अधिवक्ताओं का सम्मान
इस अवसर पर बेनीपुर अधिवक्ता संघ के कई वरिष्ठ सदस्यों को सम्मानित भी किया गया। इनमें श्री देवेन्द्र यादव, श्री चौधरी श्याम चंद्र राय, श्री जगन्नाथ साहु, श्री सेवती कुमार प्रसाद और श्री रामसागर झा शामिल थे। संघ के सचिव संजीव कुमार झा ने इन वरिष्ठ अधिवक्ताओं के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। कार्यक्रम में सिविल जज श्रेया कुशवाहा सहित कई अधिवक्तागण भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस पहल का समर्थन किया।
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यह कार्यक्रम वृद्धजनों के अधिकारों के प्रति समाज को जागरूक करने और उन्हें सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे आयोजनों से समाज में संवेदनशीलता बढ़ती है और वृद्धजनों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है, जो उनके भविष्य के लिए आवश्यक है।







