

SC ST Act: जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, जातीय राजनीति की आग भी तेज होती जा रही है। अब सवर्ण समाज ने एक ऐसे कानून के खिलाफ बिगुल फूंका है, जिसे वे अपने अस्तित्व के लिए खतरा मान रहे हैं। दरभंगा के बिरौल स्थित रूपनगर भगवती स्थान परिसर में ब्राह्मण काउंसिल ऑफ इंडिया ने एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया, जिसमें इस कानून को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई।
बैठक की अध्यक्षता धीरज झा ने की। इस दौरान काउंसिल के प्रदेश महासचिव कैलाश कुमार चौधरी ने अपने संबोधन में एससी-एसटी एक्ट को एक असंवैधानिक, अलोकतांत्रिक और जातिवादी काला कानून करार दिया। उन्होंने तर्क दिया कि शास्त्र और संविधान भी किसी एक जाति को देखकर न्याय करने की अनुमति नहीं देते हैं। उन्होंने कहा कि सवर्णों को अपने ही देश में दोयम दर्जे का नागरिक बनाकर उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
SC ST Act: क्यों बताया जा रहा असंवैधानिक?
वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि यह कानून न्याय के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। कैलाश कुमार चौधरी ने कहा कि सरकार समाज को बांटने का काम कर रही है और यूजीसी के नियमों के विरुद्ध जाकर जो नीतियां बना रही हैं, उनके खिलाफ सवर्णों को एकजुट होकर आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि यह कानून पूरी तरह से एकतरफा है और समाज में वैमनस्य फैला रहा है।
ब्राह्मण महासभा के जिला अध्यक्ष अरुण कुमार झा ने सामाजिक रूप से संगठित होने और जागरूकता कार्यक्रम चलाने पर विशेष बल दिया। वहीं, राजकुमार झा ने कहा कि इस तरह की नीतियों से योग्यता की हत्या हो रही है। सरकार जातिवाद को बढ़ावा दे रही है, जिससे मेधावी छात्रों का भविष्य अंधकार में जा रहा है। उनका मानना है कि आरक्षण जैसी व्यवस्थाओं की आड़ में योग्यता को नजरअंदाज किया जा रहा है।
कुशेश्वरस्थान की घटना पर निंदा
बैठक में कुशेश्वरस्थान के हरीनगर में हुई एक घटना का जिक्र करते हुए एकतरफा कार्रवाई की कड़ी निंदा की गई। वक्ताओं ने 30 जनवरी को हुई मारपीट की घटना के असल दोषियों पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की। इस मामले को लेकर समाज में गहरा रोष व्याप्त है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
बैठक में शामिल लोगों ने एकजुट होकर सामाजिक न्याय और समानता के लिए संघर्ष करने का संकल्प लिया।
बैठक में ये रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में बलराम कुंवर, रामकुमार मिश्र, बीरेंद्र चौधरी, शंकर झा, अरुण कुमार झा, हेमकांत मिश्र, सोहन चौधरी, अशोक झा, दीपक ठाकुर, मनोज झा, रामपुनित मिश्र, राजाराम मिश्र, विकास झा, पवन ठाकुर, टुनटुन चौधरी, बिनोद झा, राजू झा, ताराकांत झा, देवकांत झा, चंदन झा और शशिकांत झा सहित दर्जनों लोग मौजूद थे। सभी ने एक स्वर में सामाजिक एकता पर बल दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




