
दरभंगा, देशज टाइम्स: एक महिला के साथ हुए जघन्य अपराध के मामले में महिला थाने की एफआईआर दर्ज करने में लापरवाही सामने आई है। करीब एक माह तक एफआईआर दर्ज नहीं होने से पीड़िता मानसिक रूप से प्रताड़ित थी। एसएसपी जगुनाथ रड्डी जलरड्डी के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार मंगलवार की शाम प्राथमिकी दर्ज कर ली गई। यह मामला अब कोर्ट में चलेगा, जहां न्याय की उम्मीद है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
रेप केस FIR में महिला थाने की लापरवाही: SSP के आदेश पर आनन-फानन में दर्ज हुई FIR
मनिगाछी थाना क्षेत्र की रहने वाली एक पीड़िता ने एसएसपी से गुहार लगाई कि महिला थाना उसकी प्राथमिक की दर्ज नहीं कर रहा है। महिला थाने की पुलिस करीब एक माह से एफआईआर दर्ज करने में टालमटोल कर रही थी, जिससे पीड़िता मानसिक तनाव से गुजर रही थी। एसएसपी ने सभी थानों को फरियादियों की सुनवाई और मामला दर्ज करने का निर्देश दे चुके हैं, फिर भी महिला थाने की यह अनदेखी चौंकाने वाली थी। एसएसपी को शिकायत मिलने के बाद आनन-फानन में प्राथमिकी दर्ज की गई।
महिला थाने की भूमिका सवालों के घेरे में
पीड़िता ने अपने आवेदन में बताया कि वह वर्ष 2021 से मनिगाछी स्थित एक नर्सिंग होम में सहायक नर्स के रूप में कार्यरत है। इसी दौरान, उसी नर्सिंग होम में कार्यरत मधुबनी जिले के लोकहा थाना क्षेत्र के नरही गांव निवासी कम्पाउन्डर जगरनाथ ठाकुर ने 2023 में कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे बेहोश कर दिया। इसके बाद, नर्सिंग होम के अंदर ही उसके साथ बलात्कार किया और अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी देकर उसका शारीरिक शोषण करता रहा। इस कृत्य के कारण पीड़िता गर्भवती हो गई। आरोपी ने जबरन उसका गर्भपात भी करवाया और शादी का प्रलोभन देकर टालता रहा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
जब पीड़िता ने आरोपी से शादी करने को कहा तो उसने टाल-मटोल करना शुरू कर दिया। तंग आकर, उसने महिला थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। इस बीच, आरोपी के परिवार वालों और नर्सिंग होम के मालिक, जो एक चिकित्सक भी हैं, ने शादी का आश्वासन देकर मुकदमा दर्ज होने से रोक दिया। लेकिन, आरोपी जगरनाथ ठाकुर अपनी बात से मुकर गया।
जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का आरोप
3 नवंबर को जब पीड़िता पुनः आरोपी के घर गई, तो आरोपी के पिता चन्देश्वर ठाकुर, माँ शांति, भाई अमरनाथ ठाकुर सहित अन्य लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज की, मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने पीड़िता को जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए कहा कि वह अतिपिछड़ा जाति की लड़की है और उसे वहां नहीं आना चाहिए।
न्याय की लड़ाई कोर्ट में
इस गंभीर मामले में महिला थाना की थानाध्यक्ष कुमारी मधुबाला ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है। अब देखना यह होगा कि पुलिस जांच में क्या सामने आता है और पीड़िता को न्याय कब मिलता है। इस तरह की घटनाओं से महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठते हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें




