



Darbhanga Crime News: दरभंगा की शांत गलियों में पसरा सन्नाटा अब न्याय की चिंगारी में बदल चुका है, जहां एक मासूम की चीख ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। इस जघन्य अपराध के बाद उपजे आक्रोश और गोपनीयता भंग करने के प्रयासों पर पुलिस ने नकेल कसनी शुरू कर दी है।
Darhanga Crime News: दरभंगा दुष्कर्म-हत्या मामले में पुलिस की सख्त कार्रवाई, 3 चैनलों पर FIR, 38 उपद्रवियों की तलाश
दरभंगा के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में एक मासूम बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने कठोर रुख अख्तियार किया है। घटना से संबंधित जानकारी सार्वजनिक कर पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले दो यूट्यूब चैनलों और एक फेसबुक अकाउंट के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। थानाध्यक्ष सुधीर कुमार ने इस संबंध में बताया कि दोनों संबंधित यूट्यूब चैनलों को बंद कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए आवश्यक पत्राचार किया जा रहा है और उनके संचालकों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की तैयारी है। वहीं, फेसबुक अकाउंट संचालक के नाम-पते का भी गहनता से पता लगाया जा रहा है।
Bihar Crime News: पहचान उजागर करने पर पुलिस की कड़ी कार्रवाई
इस संवेदनशील मामले में पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई, पीड़िता की गोपनीयता बनाए रखने और बाल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। ऐसी घटनाओं में अक्सर देखा जाता है कि सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए लोग अनजाने में या जानबूझकर पीड़िता की पहचान उजागर कर देते हैं, जिससे उनके मानसिक और सामाजिक पुनर्वास में बाधा आती है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसी किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पुलिस का यह कदम डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जिम्मेदारी से काम करने का एक स्पष्ट संदेश भी है।
इधर, इस हृदय विदारक घटना के विरोध में हुए आगजनी, तोड़फोड़ और पुलिसकर्मियों पर पथराव के मामले में भी पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। नामजद किए गए 44 आरोपितों में से 38 की तलाश में पुलिस की टीमें सक्रिय हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब तक छह आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।
उपद्रवियों पर शिकंजा और बेगुनाहों की गुहार
एक ओर जहां पुलिस उपद्रवियों पर शिकंजा कस रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ नामजद लोगों को निर्दोष बताते हुए बुधवार को एक शिष्टमंडल ने वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से मुलाकात की। इस शिष्टमंडल में भाजपा जिलाध्यक्ष आदित्य नारायण मन्ना, जिला महामंत्री सुजीत मल्लिक, पार्षद शत्रुघ्न प्रसाद यादव, सपना भारती सहित अन्य प्रतिनिधि शामिल थे। उन्होंने एसएसपी से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और जिन लोगों के नाम गलती से जोड़े गए हैं, उन्हें हटाया जाए। शिष्टमंडल ने पीड़ित परिवार को शीघ्र मुआवजा प्रदान करने का भी आग्रह किया।
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न्याय की राह पर प्रशासन: पारदर्शी जांच का भरोसा
पुलिस प्रशासन ने शिष्टमंडल को आश्वस्त किया है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है और कानून के दायरे में रहकर ही आगे की कार्रवाई जारी रहेगी। उनका कहना है कि हर पहलू की गहनता से जांच होगी और किसी भी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा, लेकिन दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। यह मामला जहां एक ओर समाज में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठा रहा है, वहीं दूसरी ओर न्याय प्रणाली की निष्पक्षता और कानून व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती को भी रेखांकित करता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पुलिस और प्रशासन दोनों ही इस बात पर जोर दे रहे हैं कि सत्य सामने आएगा और दोषियों को उनके कर्मों की सजा मिलेगी। यह एक ऐसा संवेदनशील मामला है जहां कानून का राज स्थापित करना और बाल सुरक्षा को प्राथमिकता देना अत्यंत महत्वपूर्ण है।


