

Darbhanga News: कानून के लंबे हाथ और अदालत की सख्त चौखट, जब आमने-सामने आते हैं तो अपराधियों के मंसूबे अक्सर धरे के धरे रह जाते हैं। कुछ ऐसा ही नजारा दरभंगा सिविल कोर्ट में देखने को मिला, जहां दो अलग-अलग मामलों में तीन अभियुक्तों की जमानत याचिकाओं को अदालत ने सिरे से खारिज कर दिया।
Darbhanga News: दो अलग-अलग मामलों में जमानत याचिका खारिज
दरभंगा सिविल कोर्ट में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश उपेंद्र कुमार की अदालत ने हत्या के दो विभिन्न मामलों में जेल में बंद तीन अभियुक्तों की नियमित जमानत याचिका को अस्वीकार कर दिया। लोक अभियोजक (पीपी) अमरेंद्र नारायण झा ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि न्यायालय ने नगर थाना कांड संख्या 228/24 के काराधीन अभियुक्त मुकेश सहनी, जो स्थानीय जित्तूगाछी मोहल्ले का निवासी है, की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह एक गंभीर हत्या का मामला था, जिसमें साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने जमानत देना उचित नहीं समझा।
इसी अदालत ने एक अन्य मामले में भी सख्ती दिखाई। बहेड़ी थाना कांड संख्या 203/25 के अभियुक्त परीक्षित मंडल और संतोष कुमार, जो हायाघाट थाना क्षेत्र के कोठरा गांव के रहने वाले हैं, के जमानत आवेदन को भी नामंजूर कर दिया गया। दोनों अभियुक्तों पर भी गंभीर आरोप थे, जिसके चलते उन्हें कोई राहत नहीं मिली। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
अग्रिम जमानत की अर्जी भी हुई नामंजूर
वहीं, एक अन्य मामले में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार पांडेय की अदालत ने भी एक आरोपी को कोई राहत नहीं दी। अदालत ने जाले थाना कांड संख्या 193/25 के आरोपी राजू राम की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया। राजू राम चहूटा का निवासी बताया जा रहा है और उस पर लगे आरोपों की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
दरभंगा सिविल कोर्ट के इस कड़े रुख से स्पष्ट है कि गंभीर आपराधिक मामलों में अभियुक्तों को जमानत मिलना आसान नहीं है। न्यायपालिका अपने फैसलों से यह संदेश दे रही है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के साथ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी, जो न्याय-व्यवस्था में आम लोगों के विश्वास को और मजबूत करता है।


