
जैसे एक कुशल माली पौधे की हर जरूरत को समझकर उसे सींचता है, ठीक वैसे ही छात्रों के स्वर्णिम भविष्य के लिए शिक्षकों का मार्गदर्शन और अभिभावकों का सहयोग अनिवार्य है। इसी समन्वय की एक अनूठी तस्वीर आज सामने आई। Darbhanga College of Engineering: यहां विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, बिहार सरकार के तत्वावधान में संचालित प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेज में शनिवार को एक वृहत अभिभावक-शिक्षक बैठक का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कॉलेज के मुख्य भवन स्थित कॉन्फ्रेंस रूम में आयोजित इस कार्यक्रम ने छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के बीच संवाद का एक मजबूत पुल स्थापित किया।
Darbhanga College of Engineering में संवाद और सहयोग का संगम
कॉलेज के कॉन्फ्रेंस रूम में आयोजित इस कार्यक्रम का माहौल बेहद सकारात्मक रहा, जहां बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों की प्रगति जानने के लिए जुटे। इस बैठक का मुख्य लक्ष्य विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन से लेकर उनकी उपस्थिति, व्यवहार, और अनुशासन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर एक खुली और सार्थक चर्चा करना था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। विभिन्न विभागों के अध्यक्षों और संकाय सदस्यों ने हर एक छात्र पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान केंद्रित करते हुए अभिभावकों के साथ विस्तृत जानकारी साझा की।
शिक्षकों ने अभिभावकों को यह स्पष्ट रूप से बताया कि उनके बच्चे किन विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं और कहां उन्हें अतिरिक्त मेहनत की आवश्यकता है। यह सिर्फ एक औपचारिक अभिभावक-शिक्षक बैठक नहीं थी, बल्कि छात्रों के भविष्य के लिए एक संयुक्त रणनीति बनाने का मंच था। इस दौरान छात्रों की कक्षा में भागीदारी, प्रोजेक्ट कार्यों में उनकी रुचि और उनके समग्र व्यवहार पर भी गहन विमर्श हुआ।
हर पहलू पर हुई विस्तृत चर्चा
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि कैसे शिक्षक और अभिभावक मिलकर छात्रों की कमजोरियों को दूर कर सकते हैं और उनकी प्रतिभा को और निखार सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। शिक्षकों ने भविष्य की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला, ताकि छात्र अकादमिक और पेशेवर दुनिया की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
इस अनूठी पहल पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कई अभिभावकों ने कॉलेज प्रशासन की जमकर सराहना की। उनका मानना था कि इस तरह के संवाद से उन्हें अपने बच्चों की वास्तविक अकादमिक स्थिति को समझने का मौका मिलता है, जिससे वे घर पर एक बेहतर और सहयोगी माहौल बना सकते हैं। यह कार्यक्रम इस बात का प्रमाण था कि जब शिक्षक और अभिभावक एक साथ आते हैं, तो छात्रों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
भविष्य में भी जारी रहेगा यह क्रम
कॉलेज प्रशासन ने सभी अभिभावकों को धन्यवाद देते हुए यह आश्वासन दिया कि इस तरह के आयोजन भविष्य में भी नियमित अंतराल पर किए जाएंगे। प्रशासन का मानना है कि छात्र, शिक्षक और अभिभावक के बीच एक मजबूत त्रिकोणीय संबंध ही शैक्षिक उत्कृष्टता की नींव है। इस बैठक ने न केवल संवाद के नए द्वार खोले हैं, बल्कि छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की राह को और भी प्रशस्त किया है।



