
Darbhanga Health Department: स्वास्थ्य महकमे की ढीली नब्ज पर जब आला अधिकारी का हाथ पड़ा, तो पूरी व्यवस्था ही सवालों के कटघरे में आ खड़ी हुई। प्रमंडलीय आयुक्त हिमांशु कुमार राय ने जब स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा शुरू की तो कई खामियां उजागर हुईं और अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए गए, जिससे पूरे महकमे में हड़कंप मच गया।
Darbhanga Health Department की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
दरभंगा प्रमंडल के आयुक्त हिमांशु कुमार राय ने गुरुवार को प्रमंडलीय सभागार में एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर जिलों के स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। आयुक्त के सख्त तेवर को देखते हुए अधिकारियों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ नजर आ रही थीं। बैठक के दौरान उन्होंने सबसे पहले औषधि निरीक्षकों को निर्देश दिया कि वे सभी मेडिकल स्टोरों की नियमित और औचक जांच करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके साथ ही, उन्होंने प्राइवेट नर्सिंग होम की बढ़ती शिकायतों पर नाराजगी जताते हुए संबंधित जिलों के सिविल सर्जन और जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) को इनकी सघन जांच करने का कड़ा निर्देश दिया।
आयुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकारी अस्पतालों का नियमित निरीक्षण होना ही चाहिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सभी चिकित्सक रोस्टर के अनुसार अपनी ड्यूटी पर मौजूद रहें और मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराएं। दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) में जलजमाव की पुरानी समस्या पर भी आयुक्त ने नाराजगी जताई और इसका तत्काल समाधान निकालने के निर्देश दिए।
अस्पतालों में दवा से लेकर पानी तक, हर सुविधा पर रहेगी नजर
बैठक में आयुक्त महोदय ने दवाओं की उपलब्धता को लेकर भी अधिकारियों को चेताया। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में दवाओं की किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए और बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (BMSICL) के माध्यम से दवाओं की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ओपीडी सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने, दवा वितरण काउंटर के पास सीसीटीवी कैमरों को हर हाल में चालू रखने तथा सभी आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया। बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना प्रशासन का लक्ष्य है।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) को सभी अस्पतालों में पेयजल की गुणवत्ता की जांच करने का आदेश दिया। आयुक्त ने कहा कि अस्पतालों में स्वच्छता, आधारभूत सुविधाएं और मरीजों को मिलने वाली सेवाओं से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। उन्होंने सभी अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में तत्काल एएनएम की प्रतिनियुक्ति करने का भी निर्देश दिया।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं, समन्वय बनाकर काम करें अधिकारी
आयुक्त हिमांशु कुमार राय ने ट्रामा सेंटर की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की और वहां सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सिविल सर्जनों को अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे एवं ब्लड बैंक जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं की नियमित निगरानी करने को कहा। बैठक के दौरान क्षेत्रीय विकास पदाधिकारी आकाश ऐश्वर्य ने अधिकारियों को पीसीपीएनडीटी एक्ट के सभी प्रावधानों का सख्ती से अनुपालन करने का निर्देश दिया।
अंत में आयुक्त ने दो टूक कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया। बैठक में क्षेत्रीय योजना पदाधिकारी आकाश ऐश्वर्य के अलावा तीनों जिलों के सिविल सर्जन, डीपीएम और अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद थे।






