



Darbhanga News: जैसे चुनावी मौसम में नेता एक्टिव हो जाते हैं, वैसे ही योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए अफसरशाही का चाबुक चला है। दरभंगा में पशुपालकों और मत्स्य पालकों के लिए चल रही सरकारी योजनाओं की गति कैसी है, इसका पूरा लेखा-जोखा आयुक्त ने अपनी बैठक में ले लिया है, जिसमें अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
दरभंगा के आयुक्त हिमांशु कुमार राय की अध्यक्षता में प्रमंडलीय सभागार में पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग से जुड़ी योजनाओं की एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर जिलों में चल रही विभागीय योजनाओं की प्रगति का आकलन करना और उन्हें गति प्रदान करना था। आयुक्त ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि योजनाओं का लाभ हर हाल में अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।
Darbhanga News: पशु चिकित्सालयों की होगी औचक रात्रि जांच
बैठक के दौरान आयुक्त ने तीनों जिलों के पशुपालन पदाधिकारियों से पशुओं के इलाज के लिए घर-घर तक पहुंचने वाली एम्बुलेंस सेवा की स्थिति पर जानकारी ली। दरभंगा के जिला पशुपालन पदाधिकारी ने बताया कि जिले में 18 एनिमल एम्बुलेंस नियमित रूप से चल रही हैं और प्रतिदिन दो प्रखंडों में अपनी सेवाएं दे रही हैं। पशु अस्पतालों की संख्या की बात करें तो दरभंगा में 39, मधुबनी में 55 और समस्तीपुर में 48 अस्पताल कार्यरत हैं। तीनों जिलों में एक-एक पशु अस्पताल 24 घंटे सातों दिन संचालित है, जिसमें दरभंगा का लहेरियासराय स्थित अस्पताल शामिल है। इस पर आयुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इन अस्पतालों का औचक रात्रि निरीक्षण किया जाएगा ताकि जमीनी हकीकत का पता चल सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
आयुक्त ने पशुओं के टीकाकरण अभियान और ईयर टैगिंग की समीक्षा करते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का निर्देश दिया। उन्होंने पशु औषधियों की उपलब्धता पर भी जोर देते हुए कहा कि पशुपालकों को किसी भी तरह की कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए और दवाओं की कोई कमी नहीं रहनी चाहिए।
मिथिला में मछली उत्पादन पर विशेष ध्यान
पशुपालन के साथ-साथ मत्स्य विभाग की योजनाओं की भी गहन समीक्षा की गई। आयुक्त ने जिला मत्स्य पदाधिकारियों से तालाबों की मौजूदा स्थिति और उनकी उपयोगिता पर विस्तृत रिपोर्ट ली। इस क्षेत्र में मत्स्य पालन की अपार संभावनाएं हैं, जिसे देखते हुए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मुख्यमंत्री तालाब मात्स्यिकी विकास योजना और मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना की प्रगति पर विशेष चर्चा की गई। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
आयुक्त महोदय ने कहा कि मिथिला क्षेत्र मछली उत्पादन, खासकर यहां की रोहू मछली की गुणवत्ता के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है और यही बिहार की एक पहचान भी है। उन्होंने निर्देश दिया कि मछली पालन से जुड़े सभी लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ और अनुदान समय पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। बैठक में बायोफ्लॉक तकनीक और फीड मिल की प्रगति पर भी चर्चा हुई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सरकारी योजनाओं का लाभ हर हाल में लाभुकों तक पहुंचे
बैठक में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, वार्षिक मछली उत्पादन में मधुबनी 110 हजार मीट्रिक टन के साथ सबसे आगे है, जबकि दरभंगा में 89 हजार मीट्रिक टन और समस्तीपुर में 29 हजार मीट्रिक टन मछली का उत्पादन होता है। आयुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और समय पर प्रगति सुनिश्चित करते हुए क्षेत्र के पशुपालकों एवं मत्स्य पालकों को अधिकतम लाभ पहुंचाया जाए।
इस महत्वपूर्ण बैठक में आयुक्त के सचिव सुशील कुमार मिश्रा, उप निदेशक जनसंपर्क सत्येंद्र प्रसाद, क्षेत्रीय विकास पदाधिकारी आकाश ऐश्वर्य, दरभंगा के जिला मत्स्य पदाधिकारी अनुपम कुमार सहित मधुबनी एवं समस्तीपुर के जिला पशुपालन एवं मत्स्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।




