

कुछ तो आदतें नहीं बदलतीं! Darbhanga News में पांचवीं बार शराब पीकर पकड़ा गया शराबी, कोर्ट ने सुनाई ऐसी सजा
Darbhanga News: कानून के हाथ लंबे होते हैं, ये कहावत तो सुनी होगी, लेकिन जब कोई बार-बार कानून को ठेंगा दिखाए तो अंजाम भी तय होता है। दरभंगा में एक ऐसे ही महाशय को अदालत ने दोषी करार दिया है जो अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे थे।
Darbhanga News: पांचवीं बार में आया कानून की पकड़ में
बिहार में शराबबंदी को सफल बनाने के लिए प्रशासन और न्यायपालिका दोनों ही सख्त रुख अपनाए हुए हैं। इसी कड़ी में, जिला न्याय मंडल दरभंगा के उत्पाद अधिनियम के विशेष न्यायाधीश श्रीराम झा की अदालत ने एक आदतन शराबी को दोषी पाया है। यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि अभियुक्त का यह पहला या दूसरा नहीं, बल्कि शराब पीकर पकड़े जाने का पांचवां अपराध है। विशेष लोक अभियोजक (पीपी) हरेराम साह ने इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हायाघाट थाना क्षेत्र के रुस्तमपुर गांव के रहने वाले संतोष सिंह, जो स्वर्गीय राम विनय सिंह के पुत्र हैं, को उत्पाद अधिनियम की धारा 37 के तहत दोषी ठहराया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मामले की सुनवाई जीओ वाद संख्या 1227/25 के तहत की गई, जो हायाघाट थानाकांड संख्या 96/25 से जुड़ा हुआ है। संतोष सिंह की गिरफ्तारी के बाद अदालत में सुनवाई पूरी हुई और सभी सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर विशेष न्यायाधीश ने उन्हें दोषी घोषित कर दिया। यह फैसला उन लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो सोचते हैं कि वे बार-बार कानून तोड़कर बच निकलेंगे। अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों के साथ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
शनिवार को होगा सजा का ऐलान
अदालत ने संतोष सिंह को दोषी तो करार दे दिया है, लेकिन अभी सजा का ऐलान नहीं किया है। स्पेशल पीपी हरेराम साह के अनुसार, न्यायाधीश श्रीराम झा की अदालत ने सजा के बिंदु पर सुनवाई और अंतिम निर्णय के लिए आगामी शनिवार, 21 फरवरी की तारीख तय की है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अदालत इस आदतन अपराधी को क्या सजा सुनाती है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या अदालत इस बार कोई ऐसा उदाहरण पेश करती है जिससे शराब पीने और बेचने वाले सबक ले सकें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस मामले में इस्तेमाल किया गया उत्पाद अधिनियम राज्य में शराबबंदी को सख्ती से लागू करने के लिए बनाया गया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस फैसले से एक बार फिर यह साबित हो गया है कि कानून के शिकंजे से बचना आसान नहीं है, खासकर तब जब आप बार-बार एक ही गलती दोहरा रहे हों। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



