
दरभंगा कोर्ट: जिले की अदालतों ने तीन अलग-अलग गंभीर मामलों में फंसे आरोपियों को बड़ा झटका दिया है। इनमें दुष्कर्म, हत्या और 80 लाख रुपये के गबन जैसे संगीन अपराध शामिल हैं। विभिन्न अदालतों ने इन मामलों में अभियुक्तों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। न्यायपालिका ने स्पष्ट संदेश दिया है कि गंभीर अपराधों में कोई ढील नहीं दी जाएगी।
दरभंगा कोर्ट ने दुष्कर्म के आरोपी की जमानत की खारिज
पहला मामला घनश्यामपुर थानाक्षेत्र के पुनहद गांव निवासी राम सुन्दर यादव से जुड़ा है। अभियुक्त राम सुंदर यादव पर एक महिला से दुष्कर्म करने और फिर उसका आपत्तिजनक वीडियो बनाने का गंभीर आरोप है। यह मामला महिला थानाकांड संख्या 159/25 के तहत दर्ज किया गया था। इस मामले की सुनवाई करते हुए प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार की अदालत ने अभियुक्त की नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इस फैसले के बाद राम सुन्दर यादव को अभी जेल में ही रहना होगा। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कोई भी राहत देने से इनकार कर दिया।
पत्नी की हत्या के मामले में भी नहीं मिली राहत
दूसरा मामला सिंहवाड़ा थानाक्षेत्र से सामने आया है। यहां बिरौल निवासी राकेश दास पर अपनी पत्नी की फांसी लगाकर हत्या करने का आरोप है। यह मामला सिंहवाड़ा थानाकांड संख्या 245/25 के तहत दर्ज किया गया था। लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि एडीजे उपेंद्र कुमार की अदालत ने इस गंभीर आरोप में काराधीन राकेश दास की जमानत याचिका को भी खारिज कर दिया है। कोर्ट ने सबूतों और आरोपों की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए यह फैसला सुनाया।
80 लाख रुपये के गबन मामले में अग्रिम जमानत याचिका निरस्त
तीसरा अहम मामला भारतीय साख एवं सहयोग समिति लिमिटेड शाखा माधोपुर से संबंधित है। इस मामले में जमाकर्ताओं के करीब 80 लाख रुपये के गबन का आरोप है। सिमरी थानाकांड संख्या 146/17 में दर्ज इस मामले के अभियुक्त मो. वसीम खान ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का रुख किया था। हालांकि, एडीजे संतोष कुमार पाण्डेय की अदालत ने अभियुक्त की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। कोर्ट ने कहा कि मामले की गंभीरता और सार्वजनिक धन के गबन को देखते हुए अग्रिम जमानत देना उचित नहीं होगा। इन सभी मामलों में दरभंगा कोर्ट के इन कड़े फैसलों से न्याय व्यवस्था पर लोगों का विश्वास और बढ़ेगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें






