
Darbhanga News: अपराधियों के मंसूबों पर जब कानून का हथौड़ा चलता है, तो जमानत की अर्जियां भी हवा में उड़ जाती हैं। दरभंगा सिविल कोर्ट से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां सरेराह महिला से मंगलसूत्र छीनने और विरोध करने पर उसके पति को गोली मारने के आरोपी को अदालत ने कोई राहत नहीं दी है।
Darbhanga News: कोर्ट ने क्यों खारिज की अग्रिम जमानत याचिका?
पूरा मामला सिमरी थाना कांड संख्या 121/24 से जुड़ा हुआ है। इस मामले में मधुबनी जिले के बसैठा निवासी रमेश साह पर एक महिला के गले से सरेराह मंगलसूत्र झपटने का गंभीर आरोप है। जब महिला के पति ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने उन्हें पैर में गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसी संगीन आपराधिक मामला में आरोपी रमेश साह ने गिरफ्तारी से बचने के लिए दरभंगा सिविल कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी।
जिला एवं प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार पाण्डेय की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने आरोपी की जमानत का पुरजोर विरोध करते हुए अपराध की गंभीरता पर प्रकाश डाला। उन्होंने दलील दी कि सरेआम इस तरह की घटना को अंजाम देना समाज में भय का माहौल पैदा करता है, इसलिए आरोपी को जमानत नहीं दी जानी चाहिए। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
अब क्या हैं आरोपी के पास कानूनी विकल्प?
अदालत के इस फैसले के बाद आरोपी रमेश साह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि अब आरोपी के पास कानून के समक्ष आत्मसमर्पण कर नियमित जमानत के लिए आवेदन करने का ही एक रास्ता बचा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके अलावा, वह जिला न्यायालय के इस फैसले को चुनौती देने के लिए पटना उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। फिलहाल, कोर्ट के इस सख्त रुख ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे गंभीर अपराधों पर कानून कोई नरमी बरतने के मूड में नहीं है।





