
Darbhanga News: दरभंगा की अदालत में आज इंसाफ का हथौड़ा कुछ ऐसा चला कि कई संगीन मामलों के आरोपियों के मंसूबों पर पानी फिर गया। अदालत ने हत्या, अपहरण और एसिड अटैक की धमकी जैसे गंभीर मामलों में आरोपियों को कोई राहत न देते हुए उनकी जमानत अर्जियां एक सिरे से खारिज कर दीं।
Darbhanga News: दरभंगा की एक अदालत ने शुक्रवार को कई गंभीर आपराधिक मामलों में सुनवाई करते हुए आरोपियों को कोई राहत नहीं दी। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार पाण्डेय की अदालत ने एक युवती से जबरन शादी करने, उसकी तस्वीरें वायरल करने और इनकार करने पर तेजाब से चेहरा जलाने की धमकी देने के संगीन मामले में आरोपी मो. अरशद इकबाल की जमानत याचिका खारिज कर दी। यह मामला सदर थाना कांड संख्या 337/24 से जुड़ा है, जिसमें अभियुक्त फिलहाल जेल में है।
सरकारी वकील अमरेंद्र नारायण झा ने इस मामले में अदालत के समक्ष जोरदार दलीलें पेश कीं, जिसके बाद कोर्ट ने आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Darbhanga News: हत्या और अपहरण के आरोपियों को भी नहीं मिली राहत
न्यायाधीश संतोष कुमार पाण्डेय की कोर्ट ने एक अन्य मामले में एक बुजुर्ग की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या करने के आरोप में विशनपुर थाना कांड संख्या 122/25 के कई आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी भी खारिज कर दी। इन आरोपियों में नंदिनी देवी, अंजली देवी, अवधेश सहनी, पप्पू सहनी, सोनू सहनी और कृष्णा सहनी शामिल हैं।
इसके अलावा, मोरो थाना कांड संख्या 34/25, जो एक लड़की के अपहरण और जबरन शादी से जुड़ा है, में भी आरोपी राहुल मंडल, सोनू मंडल और राम सज्जन मंडल को कोई राहत नहीं मिली। अदालत का सख्त रुख यहीं नहीं रुका। विशनपुर थाना कांड संख्या 144/25 में अपहरण के आरोपी किशन सहनी और साइबर थाना कांड संख्या 107/24 के आरोपी अनुज कुमार गुप्ता की भी अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी गई। इन सभी मामलों में अब आरोपियों को जमानत के लिए पटना उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना होगा।
एडीजे तृतीय की अदालत ने भी खारिज की जमानत
वहीं, एक और महत्वपूर्ण मामले में एडीजे तृतीय सुमन कुमार दिवाकर की अदालत ने भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने बहादुरपुर थाना कांड संख्या 410/25 में जानलेवा हमले के आरोपी विवेक पासवान की अग्रिम जमानत अर्जी को नामंजूर कर दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अदालत के इन फैसलों के बाद, इन सभी आरोपियों के पास अब केवल उच्च न्यायालय में अपील करने का ही विकल्प बचा है, क्योंकि निचली अदालत से उनकी जमानत याचिका को अस्वीकार कर दिया गया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/






