
Darbhanga News: जब दुनिया बारूद की ढेर पर बैठी हो और सियासत अपनी रोटियां सेंक रही हो, तब अमन की आवाज बुलंद करना ही इंसानियत का पहला धर्म है। इसी सोच के साथ, भाकपा-माले के नेतृत्व में दरभंगा की सड़कों पर युद्ध के खिलाफ शांति का परचम बुलंद किया गया।
मंगलवार, 10 मार्च 2026 को दरभंगा में भाकपा-माले द्वारा एक युद्ध-विरोधी शांति मार्च का आयोजन किया गया। यह मार्च अमेरिका-इज़रायल के साम्राज्यवादी गठजोड़ द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों और युद्ध की आक्रामक नीति के खिलाफ आयोजित हुआ। मार्च में शामिल कार्यकर्ताओं और वक्ताओं ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे वैश्विक शांति और मानवता के लिए एक गंभीर खतरा बताया।

Darbhanga News: पोलो मैदान से लहेरियासराय टावर तक निकला मार्च
यह शांति मार्च शहर के ऐतिहासिक पोलो मैदान से शुरू हुआ और एसएसपी ऑफिस, समाहरणालय जैसे प्रमुख मार्गों से होते हुए लहेरियासराय टावर पहुंचा, जहां यह एक जनसभा में परिवर्तित हो गया। सभा में वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान के खिलाफ की जा रही सैन्य कार्रवाई एक सोची-समझी साम्राज्यवादी आक्रामकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका असली मकसद पश्चिम एशिया में तनाव को चरम पर पहुंचाना और एपस्टिन फाइल जैसे गंभीर मुद्दों से दुनिया का ध्यान भटकाना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि ईरान पर हमला किसी एक देश पर नहीं, बल्कि पूरी मानवता और वैश्विक शांति की अवधारणा पर हमला है। उन्होंने कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सकता और कूटनीतिक बातचीत के माध्यम से ही मुद्दों को सुलझाया जाना चाहिए।
केंद्र सरकार से की गई ये अहम मांग
प्रदर्शनकारियों ने भारत सरकार से इस पूरे मामले पर एक स्पष्ट और दृढ़ रुख अपनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि भारत को ईरान के खिलाफ हो रहे हमले का खुलकर विरोध करना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शांति तथा कूटनीतिक समाधान के लिए पहल करनी चाहिए। वक्ताओं ने कहा, “भारत की जनता हमेशा से शांति, न्याय और संप्रभुता की पक्षधर रही है। हम ईरान की जनता के संघर्ष के साथ अपनी पूरी एकजुटता व्यक्त करते हैं।” आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
सभा के माध्यम से दुनिया भर के शांति-प्रिय लोगों से यह अपील भी की गई कि वे इस तरह के युद्ध और साम्राज्यवाद के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद करें और वैश्विक शांति की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करें।
इन प्रमुख नेताओं ने किया सभा को संबोधित
इस विरोध प्रदर्शन और सभा को कई प्रमुख नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने संबोधित किया। इनमें भाकपा-माले के जिला सचिव बैद्यनाथ यादव, वरिष्ठ नेता आर के सहनी, राज्य कमेटी सदस्य और इंसाफ मंच के राज्य उपाध्यक्ष नेयाज अहमद, अभिषेक कुमार, और नंदलाल ठाकुर शामिल थे। इनके अलावा, एम्स निर्माण नागरिक अभियान समिति के संयोजक उमेश राय, निर्माण मजदूर यूनियन के जिला सचिव भोला पासवान, मो शौकत, आर.वाय.ए. के राज्य सह-सचिव संदीप चौधरी, सज्जाद, रंजन सिंह, नगर सचिव कामेश्वर पासवान, अकबर रजा, गुलजार अली, और वजीर आलम ने भी अपने विचार रखे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सभी ने एक स्वर में युद्ध की विभीषिका की निंदा की और शांति की स्थापना पर बल दिया।





You must be logged in to post a comment.