Darbhanga Crime News: दरभंगा जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दहेज के लिए एक नवविवाहिता की हत्या के आरोप में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस लंबे समय से इन आरोपियों की तलाश कर रही थी और आखिरकार उन्हें सफलता मिली है।
अलीनगर थाना पुलिस ने दहेज उत्पीड़न और हत्या के एक पुराने मामले में बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को दो नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया, जिन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच बेनीपुर कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। यह मामला 12 फरवरी 2026 को अलीनगर थाने में कांड संख्या 16/26 के तहत दर्ज किया गया था, जिसमें गंभीर आरोप लगाए गए थे।
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लगभग 25 वर्षीय मृतका चांदनी परवीन मूल रूप से मधुबनी जिला के मधेपुर प्रखंड के दर्जिया गांव की निवासी थीं। उनकी शादी लगभग दो वर्ष पूर्व अलीनगर थाना क्षेत्र के धम साइन गांव के मोहम्मद नौशाद से मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार हुई थी। नौशाद मोहम्मद एजाजुल के पुत्र हैं और उन पर दहेज उत्पीड़न का आरोप है।
मृतका के पिता मोहम्मद शमीम ने, जो स्वर्गीय जीवछ के पुत्र हैं, थाने में अपनी बेटी की हत्या का मामला दर्ज कराया था। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि शादी के समय दहेज में दो लाख रुपये नकद के अलावा भारी मात्रा में विभिन्न प्रकार के सामान भी अपनी बेटी को दिया था। इसके बावजूद, लड़के पक्ष द्वारा लगातार और अधिक दहेज की मांग की जा रही थी, जिससे उनकी बेटी बेहद परेशान थी।
पिता ने आरोप लगाया कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उनकी बेटी चांदनी परवीन की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस जघन्य अपराध में लड़के के पिता मोहम्मद एजाजुल (स्वर्गीय अब्दुल गफूर के पुत्र) और मोहम्मद सगीर (मोहम्मद भोला के पुत्र) को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। पुलिस कई महीनों से इन दोनों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही थी।
दहेज के लिए हुई थी निर्मम हत्या का मामला
इस सनसनीखेज मामले में पहले भी कुछ महत्वपूर्ण गिरफ्तारियां हुई हैं। पुलिस ने लड़के की माता को भी पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। अब दो और मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी से पुलिस को उम्मीद है कि इस मामले में पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सकेगा और सभी दोषियों को सजा मिलेगी। यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
Madhubani Crime News से जुड़े इस संवेदनशील मामले में पुलिस ने अपनी जांच को तेज कर दिया था। लंबे समय से फरार चल रहे इन दोनों अभियुक्तों को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी, लेकिन वे हर बार चकमा देने में कामयाब हो रहे थे। आखिरकार, मिली पुख्ता जानकारी और गुप्त सूचना के आधार पर इन्हें धर दबोचा गया।
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पुलिस ने ऐसे किया फरार आरोपियों को गिरफ्तार
अलीनगर थाना अध्यक्ष रंजीत कुमार शर्मा ने इस संबंध में मीडिया को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये अभियुक्त कई महीनों से पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे और लगातार अपना ठिकाना बदल कर कानून से बचने की कोशिश कर रहे थे। गुप्त सूचना मिलने के तुरंत बाद, उन्होंने एक विशेष टीम गठित की और सटीक रणनीति के साथ छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया।
थानाध्यक्ष शर्मा ने पुष्टि की कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर शुक्रवार को आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं के बाद न्यायिक हिरासत में बेनीपुर कोर्ट भेज दिया गया है। इस सफल छापेमारी दल में पुनः विकास मंडल सहित थाने के कई अनुभवी पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस की इस सक्रियता से क्षेत्र में अपराध नियंत्रण में मदद मिली है।
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पुलिस ने इस पूरे मामले में गहनता से जांच जारी रखी है और सभी पहलुओं पर बारीकी से गौर कर रही है। इस महत्वपूर्ण गिरफ्तारी से पीड़ित परिवार को कुछ हद तक राहत मिली है और उन्हें उम्मीद है कि उनकी बेटी को न्याय मिलेगा। यह घटना एक बार फिर समाज में दहेज प्रथा के खिलाफ गंभीर सवाल खड़े करती है और ऐसी कुरीति को समाप्त करने की आवश्यकता पर बल देती है।







