
दरभंगा धूल भरी आंधी: सोमवार शाम दरभंगा और आसपास तर बतर हो गया। कमतौल और आसपास के इलाकों में अचानक मौसम का मिजाज ऐसा बदला कि सब कुछ थम सा गया। तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया, साथ ही किसानों की मुश्किलें भी बढ़ा दीं।
दरभंगा जिले के कमतौल और आस-पास के गांवों में सोमवार की शाम करीब पौने पांच बजे अचानक धूल भरी आंधी शुरू हो गई। इस अप्रत्याशित मौसम बदलाव से बाजार में अफरातफरी मच गई और लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में इधर-उधर भागने लगे। तेज हवाओं के साथ ही इलाके की बिजली गुल हो गई, जिससे अंधेरा छा गया।
दरभंगा धूल भरी आंधी से कमतौल में जनजीवन प्रभावित
आंधी के कुछ ही देर बाद तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई, जिसने देखते ही देखते कई सड़कों पर जलजमाव पैदा कर दिया। इस अचानक आई दरभंगा धूल भरी आंधी ने काफी नुकसान पहुंचाया। कई स्थानों पर पेड़ जड़ से उखड़ गए या उनकी डालियां टूट गईं। फुस के और एस्बेस्टस के छप्पर भी उड़ गए, जिससे कई परिवारों को भारी परेशानी हुई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
किसानों की बढ़ी चिंता: आम, लीची और मूंग पर संकट
स्थानीय लोगों और किसानों ने बताया कि तेज हवाओं से आम और लीची की फसल को भारी नुकसान हुआ है। फलों के पेड़ों से गिर जाने के कारण किसानों की साल भर की मेहनत बर्बाद होने की आशंका है। इसके अलावा, पिछले दो-तीन दिनों के अंतराल पर हो रही बारिश और तेज हवाओं ने मूंग की फसल को भी गंभीर रूप से प्रभावित किया है, जिससे किसानों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। इस फसल नुकसान से उनकी आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ने की संभावना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
इस प्राकृतिक आपदा ने न सिर्फ दैनिक जीवन को बाधित किया है, बल्कि कृषि अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव डाला है। किसान अब सरकार से मदद की उम्मीद कर रहे हैं ताकि इस फसल नुकसान की भरपाई हो सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें






