

Darbhanga AIIMS: दरभंगा की जमीन पर स्वास्थ्य का ‘सुपर-स्पेशलिटी’ सूर्योदय अब ज्यादा दूर नहीं, उम्मीदों की नींव पर अब विकास की दीवारें तेजी से उठ रही हैं। इसी गति को परखने और काम में तेजी लाने के लिए शनिवार को दरभंगा के जिलाधिकारी कौशल कुमार खुद निर्माण स्थल पर पहुंचे।
Darbhanga AIIMS निर्माण की प्रगति, DM ने ली पूरी जानकारी
जिलाधिकारी ने निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों से कार्य की वर्तमान स्थिति, अब तक हुई प्रगति और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने पूरे परिसर का घूम-घूमकर जायजा लिया और निर्माण कार्य की गुणवत्ता को भी परखा। अधिकारियों ने डीएम को बताया कि 5.4 किलोमीटर लंबी चहारदीवारी (बाउंड्री) का निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

बुनियादी सुविधाओं पर फोकस, बिजली-पानी के लिए दिए गए अहम निर्देश
निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि एम्स परिसर में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना एक बड़ी प्राथमिकता है। इसके लिए जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता (विद्युत) को 24 हजार स्क्वायर फीट भूमि पर पावर सब-स्टेशन बनाने की प्रक्रिया तुरंत शुरू करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, पेयजल की स्थायी व्यवस्था के लिए पीएचईडी के अधिकारियों को भी स्थल चिन्हित कर काम आगे बढ़ाने को कहा गया है। एम्स के आसपास रिंग बांध और फोरलेन सड़क के निर्माण को लेकर भी जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए, ताकि भविष्य में यहां आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को किसी तरह की असुविधा न हो।
गुणवत्ता से समझौता नहीं, समय सीमा में काम पूरा करने की हिदायत
जिलाधिकारी कौशल कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि निर्माण कार्य की गति में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि एम्स का निर्माण हो जाने से न केवल दरभंगा, बल्कि पूरे मिथिलांचल और आसपास के कई जिलों के लोगों को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह एक महत्वाकांक्षी परियोजना है और इसे समय पर पूरा करना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर काम में तेजी लाने और नियमित रूप से प्रगति की निगरानी करने का निर्देश दिया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस मौके पर उप निदेशक जनसंपर्क, पथ निर्माण विभाग, पीएचईडी, और विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंताओं के साथ-साथ भू-अर्जन पदाधिकारी और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।


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