

Darbhanga News: जब प्रशासनिक अमला एक्शन मोड में आता है, तो कई वर्षों से जमी धूल भी साफ हो जाती है। दरभंगा में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला जब जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार खुद जमीन पर उतरे और एक कन्या विद्यालय की समस्याओं को जड़ से खत्म करने का बीड़ा उठाया। उनके औचक निरीक्षण ने संबंधित अधिकारियों के बीच हलचल मचा दी।
जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार ने गुरुवार को राजकीय अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय प्लस टू विद्यालय का औचक दौरा किया। इस दौरान उनके साथ जिला कल्याण पदाधिकारी अनिल कुमार सिन्हा, डीसीएलआर, अंचलाधिकारी और राजस्व पदाधिकारी समेत कई अन्य अधिकारी मौजूद थे। डीएम के इस औचक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यालय में छात्राओं को मिल रही सुविधाओं और सामने आ रही चुनौतियों का firsthand जायजा लेना था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Darbhanga News: डीएम ने दिए कई महत्वपूर्ण निर्देश
निरीक्षण के दौरान डीएम ने पाया कि विद्यालय परिसर में कई ऐसे मुद्दे हैं जिनका तत्काल समाधान आवश्यक है। उन्होंने एक-एक कर सभी समस्याओं को समझा और मौके पर ही मौजूद अधिकारियों को उनके समाधान के लिए समयबद्ध निर्देश जारी किए। सबसे पहले, विद्यालय में बालिकाओं के लिए एक नए छात्रावास (विस्तार) भवन के निर्माण की आवश्यकता पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने अंचलाधिकारी को तुरंत विद्यालय परिसर में ही उपयुक्त भूमि की पहचान करने का निर्देश दिया, ताकि निर्माण कार्य बिना किसी देरी के शुरू किया जा सके।
निरीक्षण के दौरान सबसे गंभीर मामला विद्यालय की चहारदीवारी के बाहर की भूमि पर अवैध कब्जे का सामने आया। यह देखकर जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर की और संबंधित केवटी अंचलाधिकारी को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि उस भूमि को अविलंब अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जलजमाव से लेकर शिक्षकों के आवास तक, हर समस्या पर एक्शन
विद्यालय की प्रधानाचार्य ने डीएम का ध्यान छात्रावास परिसर में होने वाले जलजमाव की गंभीर समस्या की ओर खींचा। उन्होंने बताया कि बारिश के दिनों में यह समस्या और भी विकराल हो जाती है, जिससे छात्राओं को भारी असुविधा होती है। इस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने अंचलाधिकारी को जल निकासी के लिए एक नाले का निर्माण कराने का निर्देश दिया ताकि इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इसके अतिरिक्त, शिक्षकों के लिए आवासीय भवन की आवश्यकता को भी महसूस किया गया। डीएम ने अंचलाधिकारी को निर्देश दिया कि जरूरत के हिसाब से शिक्षकों के आवास निर्माण के लिए भी भूमि उपलब्ध कराई जाए। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां यहां क्लिक करें।
अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा, “छात्राओं को बेहतर सुविधा, पुख्ता सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।” उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को चेतावनी दी कि सभी आवश्यक कार्यों को समयबद्ध तरीके से और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाना चाहिए, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





