



Darbhanga News: जब उम्मीदों का पुल सरकारी फाइलों के बोझ तले दबने लगता है, तब प्रशासन को खुद जनता की चौखट पर चलकर आना पड़ता है। दरभंगा में कुछ ऐसा ही नजारा दिखा, जहां जिलाधिकारी ने सीधे आम लोगों की समस्याओं पर मरहम लगाया।
Darbhanga News: समाहरणालय बना जनता का दरबार
दरभंगा, 09 फरवरी, 2026। प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और संवेदनशील बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, दरभंगा के जिलाधिकारी श्री कौशल कुमार ने सोमवार को अपने कार्यालय कक्ष में जनसुनवाई का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने जिले के कोने-कोने से आए आम नागरिकों की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना और उनके त्वरित समाधान के लिए मौके पर ही निर्देश जारी किए। आज आयोजित इस विशेष शिविर में लगभग 30 आवेदनों पर सुनवाई की गई, जिनमें मुख्य रूप से वर्षों से लंबित पेंशन, जटिल भूमि विवाद, और गांवों में पहुंच पथ से जुड़े कई गंभीर मामले शामिल थे, जिन पर जिलाधिकारी ने तुरंत संज्ञान लिया।
जिलाधिकारी ने बताया कि यह प्रयास आम लोगों को एक पारदर्शी और सुलभ प्रशासनिक ढांचा प्रदान करने के संकल्प का हिस्सा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के प्रभावी निष्पादन के लिए प्रत्येक सप्ताह सोमवार और शुक्रवार को थाना, अंचल, प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक के सभी कार्यालयों में संबंधित पदाधिकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
हर सोमवार और शुक्रवार को खुलता है ‘समस्या समाधान’ का दरवाजा
इस जनसुनवाई कार्यक्रम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोगों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। आज की सुनवाई के दौरान प्राप्त सभी शिकायतों का विधिवत पंजीकरण किया गया और शिकायतकर्ताओं को पावती रसीद भी प्रदान की गई, ताकि वे अपने आवेदन की स्थिति को ट्रैक कर सकें। यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
इस अवसर पर केवल जिलाधिकारी ही नहीं, बल्कि उप विकास आयुक्त सहित अन्य सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी और थाना प्रभारियों ने भी अपने-अपने कार्यालयों में बैठकर विभागीय मामलों से संबंधित शिकायतों का निपटारा किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। आम लोगों की सुविधा के लिए समाहरणालय परिसर में बैठने की समुचित व्यवस्था के साथ-साथ शुद्ध पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं। जिला प्रशासन का यह कदम आम नागरिकों को सम्मानपूर्वक और सरल तरीके से प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराने की एक महत्वपूर्ण पहल है।


