Stubble burning: बेनीपुर दरभंगा देशज टाइम्स।धरती का आंचल झुलस रहा है, हवा में जहर घुल रहा है। ऐसे में मिट्टी और सांसों को बचाने के लिए प्रशासन और किसानों को मिलकर काम करना होगा। इसी दिशा में दरभंगा के जिलाधिकारी कौशल कुमार ने महिनाम गांव में एक अहम संदेश दिया।
Stubble burning: जिलाधिकारी कौशल कुमार की अपील, ‘पराली जलाकर धरती को मत करो बीमार!’
Stubble burning: धरती की सेहत और पर्यावरण की सुरक्षा
दरभंगा जिले के बेनीपुर प्रखंड स्थित महिनाम गांव में शनिवार को एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी कौशल कुमार ने गांव का दौरा किया और विभिन्न कृषि गतिविधियों में हिस्सा लिया। सर्वप्रथम, उन्होंने कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले अत्याधुनिक उपकरणों का बारीकी से निरीक्षण किया और उनकी कार्यप्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान, उन्होंने स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि और समाजसेवी अंजनी कुमार झा के खेत में चल रही धान कटाई का भी जायजा लिया, जहां मशीनों का उपयोग किया जा रहा था।
उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए, जिलाधिकारी ने पराली न जलाने की भावुक अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि खेत में धान के अवशेष (पराली) जलाने से न केवल हमारे पर्यावरण पर प्रतिकूल असर पड़ता है, बल्कि यह मिट्टी की उर्वरा शक्ति को भी बुरी तरह प्रभावित करता है। इसका सीधा परिणाम उपज में कमी के रूप में सामने आता है, जिससे अंततः किसान को ही नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज विश्व के समक्ष एक गंभीर चुनौती है, और हम सभी का सामूहिक दायित्व बनता है कि हम अपनी भावी पीढ़ी को एक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण विरासत में सौंपें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
विकास और सम्मान की नई पहल: अनुसूचित जाति द्वार का लोकार्पण
अपने दौरे के दौरान, जिलाधिकारी कौशल कुमार ने अनुसूचित जाति द्वार का फीता काटकर लोकार्पण भी किया, जो गांव के विकास में एक नई कड़ी है। इस अवसर पर, समाजसेवी अंजनी कुमार झा ने सभी आगंतुक अतिथियों का माला, पाग (पगड़ी) और चादर से भव्य सम्मान किया, जो मिथिला की पारंपरिक संस्कृति का प्रतीक है।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. सिद्धार्थ, अनुमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार झा, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी धर्मेंद्र प्रसाद गुप्ता, बीडीओ प्रवीण कुमार सहित दर्जनों पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण कृषक उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम किसानों को जागरूक करने और कृषि पद्धतियों में सुधार के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/national/। यह पहल स्थानीय समुदाय के लिए एक सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास है, और आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






