
Cyber fraud: विश्वास के नाम पर ठगी का यह नया अध्याय है, जहां मदद के बहाने हैवानियत का जाल बिछाया गया। एक चिकित्सक के भेष में आए ठग ने न सिर्फ बीमारी का फायदा उठाया, बल्कि लाखों की चपत भी लगा दी। दरभंगा में एक परिवार इसी शातिराना जालसाजी का शिकार हो गया।
कैसे हुआ Cyber fraud का शिकार?
घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के कोरथु निवासी प्रेम कुमार झा के साथ यह चौंकाने वाली Cyber fraud घटना घटी है। प्रेम कुमार झा ने बताया कि 28 दिसंबर की सुबह उनकी मां रामसागर देवी की तबीयत अचानक खराब हो गई। वह गांव के नजदीक के अस्पताल का मोबाइल नंबर खोजने लगे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को डॉक्टर बताया और उनकी मां की तबीयत के बारे में पूछताछ करने लगा।
शातिर ठग ने अपनी बातों के जाल में प्रेम कुमार को उलझा लिया और उन्हें झांसा दिया कि वे उनके अस्पताल में अपनी मां का रजिस्ट्रेशन करवा लें। इसके लिए मात्र दस रुपये का शुल्क लगेगा। इसके बाद ठग ने एक लिंक भेजा। जैसे ही प्रेम कुमार ने उस लिंक को सक्रिय किया, उनके खाते से 11 हजार 100 रुपये कटने का मैसेज आ गया।
इतनी बड़ी राशि कटने पर प्रेम कुमार ने तुरंत साइबर ठग से शिकायत की। ठग ने नाटक करते हुए कहा कि शायद ज्यादा कट गया है, वह वापस भेज रहा है, लेकिन राशि वापस नहीं गई। इसके बाद उसने कहा कि आप किसी दूसरे खाते का नंबर भेजें, मैं उस पर राशि वापस कर दूंगा। ठग के झांसे में आकर, खोई हुई राशि वापस पाने की उम्मीद में प्रेम कुमार ने अपनी भाभी ममता झा का बैंक खाता नंबर उसे दे दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह एक क्लासिक उदाहरण है कि कैसे ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार लोग लालच या डर में फंसकर अपनी और भी जानकारी गंवा बैठते हैं।
साइबर ठग ने ममता झा के नंबर पर भी एक लिंक भेजा और उसे सक्रिय करने को कहा। प्रेम कुमार ने जैसे ही वह लिंक एक्टिव किया, उनके खाते से पहले 50 हजार और फिर दूसरी बार में 49 हजार रुपये की राशि ट्रांसफर हो गई। दोनों ट्रांजैक्शन का मैसेज उन्हें तुरंत मिल गया। इसके बाद उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ कि वे साइबर ठग के झांसे में आ चुके हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
इस तरह कुल मिलाकर प्रेम कुमार झा को 1 लाख 10 हजार 100 रुपये की चपत लगी है। यह घटना दर्शाती है कि इंटरनेट और डिजिटल लेनदेन के बढ़ते दौर में हमें कितनी सतर्कता बरतनी चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पीड़ित प्रेम कुमार झा ने तुरंत साइबर थाने में इस संबंध में एक प्राथमिकी दर्ज कराई है।
पुलिस कर रही है मामले की जांच
साइबर थानाध्यक्ष सह डीएसपी बिपिन बिहारी ने इस मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और गहन अनुसंधान शुरू कर दिया गया है। पुलिस इस ऑनलाइन धोखाधड़ी में शामिल अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। ऐसे मामलों में जल्द से जल्द कार्रवाई आवश्यक होती है ताकि अन्य लोग ऐसे जालसाजों का शिकार न बनें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक करने या अपनी निजी जानकारी साझा करने से पहले पूरी सावधानी बरतें।




