
Cow Smuggling: अंधेर नगरी, चौपट राजा नहीं, बल्कि जागृत समाज और सतर्क प्रशासन की कहानी है यह। बिहार के हृदय स्थल दरभंगा में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पशु तस्करी के काले धंधे पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनार चौक पर ग्रामीणों की सजगता ने एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश कर दिया।
Cow Smuggling पर दरभंगा पुलिस का शिकंजा
दरभंगा के दोनार चौक क्षेत्र में अवैध गो तस्करी की आशंका को लेकर भारी हंगामा देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने शक के आधार पर एक पिकअप वाहन को रोका, जिसमें नौ गायों को अमानवीय तरीके से ठूंस-ठूंस कर ले जाया जा रहा था। सूचना मिली कि यह पिकअप सहरसा से दरभंगा की ओर आ रही थी।
वाहन रोके जाने के दौरान, पिकअप में सवार दो तस्कर पुलिस को चकमा देकर मौके से फरार होने में कामयाब रहे, जबकि चालक को स्थानीय लोगों की मदद से पकड़ लिया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। तत्काल ही सूचना मिलने पर विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और गौ रक्षक दल के सदस्य भी मौके पर पहुंच गए और सभी गायों को पिकअप से सुरक्षित उतारकर पुलिस के हवाले कर दिया।
पकड़े गए चालक की पहचान मोहम्मद रऊफ के रूप में हुई है, जिसे बेंता थाना की पुलिस ने तुरंत गिरफ्तार कर लिया। फरार दोनों आरोपियों के बारे में बताया गया है कि वे लहेरियासराय थाना क्षेत्र के उर्दू मोहल्ला के रहने वाले हैं। पुलिस अब उनकी तलाश में जुट गई है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए, सदर एसडीओ विकास कुमार एवं प्रभारी डीएसपी प्रकाश कुमार भी बेंता थाना पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच की। अधिकारियों ने इस अवैध पशु तस्करी और विशेष रूप से, illegal cattle trade के खिलाफ शास्त्रों एवं कानून के तहत सख्त मामला दर्ज करने का निर्देश दिया। इसके बाद, गौ रक्षक दल के शिवम कुमार झा के आवेदन पर गो तस्करी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
तस्करों के मंसूबों पर फिरा पानी: हिंदू संगठनों का आरोप और पुलिस की कार्रवाई
हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इन सभी गायों को उर्दू बाजार ले जाया जा रहा था, जहां अवैध रूप से उनका वध किया जाना था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह की घटनाएं लंबे समय से होती आ रही हैं और जिला प्रशासन को इस पर त्वरित और सख्त संज्ञान लेने की आवश्यकता है। संगठनों ने सभी दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
फिलहाल, बेंता थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है तथा फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। रेस्क्यू की गई सभी गायों को पिकअप सहित बेंता थाना लाया गया है, जहां थाने परिसर में उन्हें सुरक्षित बांधकर रखा गया है। पुलिस ने पिकअप वाहन को जब्त कर लिया है और आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
यह घटना दर्शाती है कि illegal cattle trade अभी भी राज्य के कई हिस्सों में सक्रिय है और इसे रोकने के लिए निरंतर सतर्कता और कठोर कार्रवाई की आवश्यकता है।




