Darbhanga Drowning: दरभंगा में एक बार फिर लापरवाही का भयावह चेहरा सामने आया है। बत्तख पकड़ने की मासूम ख्वाहिश एक 7 साल के बच्चे के लिए मौत का पैगाम बन गई, जब वह एक गहरे पानी से भरे गड्ढे में डूब गया। इस हृदयविदारक घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
अलीनगर थाना क्षेत्र के धमसाइन गांव में सोमवार शाम को एक बेहद दुखद घटना घटी। गांव के वार्ड संख्या आठ निवासी अमरजीत महतो के 7 वर्षीय पुत्र विशाल कुमार की जेसीबी द्वारा खोदे गए पानी से भरे एक गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। विशाल अपने दादा शिवनारायण महतो के साथ खेत में मूंग तोड़ने गया था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
Darbhanga Drowning: कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
खेत के पास ही जेसीबी से एक गहरा जेसीबी गड्ढा खोदा गया था, जिसमें बारिश का पानी जमा था और कुछ बत्तखें तैर रही थीं। विशाल अपने साथी बच्चों के साथ बत्तखों को देखने और पकड़ने की कोशिश में गड्ढे के किनारे पहुंचा। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में जा गिरा।
बच्चों के चीखने-चिल्लाने की आवाज़ सुनकर आसपास काम कर रहे लोग और परिजन मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत विशाल को बाहर निकालने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद उसे पानी से तो निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। विशाल ने दम तोड़ दिया था। इस Darbhanga Drowning की खबर से परिवार में मातम छा गया।
परिजन बोले: लापरवाही ने ले ली जान
विशाल तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। उसके पिता मजदूरी करने के लिए बाहर रहते हैं। इस घटना ने परिवार की कमर तोड़ दी है। परिजनों का आरोप है कि खुले में छोड़ा गया यह जेसीबी गड्ढा ही इस हादसे की मुख्य वजह है और किसी की लापरवाही ने उनके बच्चे की जान ले ली। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
सूचना मिलते ही अलीनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) भेज दिया। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पूरे गांव में इस घटना के बाद से ही सन्नाटा पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों ने भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए प्रशासन से उचित कदम उठाने की अपील की है। यह Darbhanga Drowning की घटना एक सबक है कि निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन कितना ज़रूरी है।







