

Earthquake Mock Drill: कुदरत जब इम्तिहान लेती है तो पूरी तैयारी ही सबसे बड़ा हथियार होती है। इसी मंत्र के साथ, दरभंगा जिला प्रशासन आपदा से दो-दो हाथ करने के लिए अपनी कमर कस रहा है और एक बड़े अभ्यास की तैयारी में जुट गया है।
Darbhanga में Earthquake Mock Drill: कांपेगी धरती, दौड़ेगा प्रशासन! जानिए कब, कहाँ और कैसे होगी भूकंप से निपटने की सबसे बड़ी तैयारी
Darbhanga में Earthquake Mock Drill की पूरी रूपरेखा
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA), नई दिल्ली के दिशा-निर्देशों के तहत दरभंगा जिला प्रशासन 26 फरवरी 2026 को एक बड़े भूकंप आपदा मॉक अभ्यास का आयोजन करने जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य किसी भी संभावित भूकंप त्रासदी के समय त्वरित और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने की जिले की क्षमता को परखना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस अभ्यास से पहले, 25 फरवरी 2026 को समाहरणालय के अंबेडकर सभागार में एक ‘टेबल टॉप एक्सरसाइज’ का आयोजन किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे और भूकंप जैसी आपदा की स्थिति में अपने संसाधनों की उपलब्धता और अपनी विस्तृत कार्ययोजना पर गहन चर्चा करेंगे। इस अभ्यास का लक्ष्य सभी विभागों के बीच समन्वय को मजबूत करना और **आपदा प्रबंधन** की रणनीति को और भी सुदृढ़ बनाना है।
इन 5 जगहों पर होगा असली एक्शन
दिनांक 26 फरवरी 2026 को होने वाले भौतिक अभ्यास के लिए शहर के पांच संवेदनशील स्थलों को चिन्हित किया गया है। ये वो स्थान हैं जहाँ आपदा की स्थिति में अधिक नुकसान की आशंका हो सकती है। इन स्थलों का चयन बहुत सोच-समझकर किया गया है।
- उर्दू राजभाषा कोषांग, समाहरणालय परिसर
- सत्यनाम पेट्रोल पम्प, सैदनगर
- अधीक्षक का पूर्व कार्यालय, डीएमसीएच
- राजकीय मध्य विद्यालय, पूअर होम
- रिलायंस ट्रेंड्स स्टोर, राज कुमारगंज
अभ्यास के दौरान सुबह ठीक 8 बजे इन सभी चिह्नित स्थलों पर भूकंप आने की चेतावनी का सायरन बजाया जाएगा। इसके तुरंत बाद, सामुदायिक स्वयंसेवकों के साथ-साथ SDRF, NDRF, अग्निशमन विभाग, गृह रक्षा वाहिनी और स्वास्थ्य विभाग की टीमें घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य का प्रदर्शन करेंगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह अभ्यास यह सुनिश्चित करेगा कि हर विभाग अपनी भूमिका को बखूबी समझे और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहे।
घायलों और विस्थापितों के लिए क्या हैं इंतजाम?
किसी भी आपदा में घायलों का त्वरित उपचार सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसे ध्यान में रखते हुए डीएमसीएच परिसर में 20 बिस्तरों वाले एक मेकशिफ्ट अस्पताल को तैयार रखा गया है ताकि घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा सके। इसके अलावा, जिन इलाकों में बल्क स्टोरेज है, वहां के निवासियों को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। इन विस्थापित लोगों के लिए लहेरियासराय स्थित आदर्श मध्य विद्यालय में एक राहत शिविर बनाया गया है, जहाँ भोजन, पानी और अन्य सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
इस पूरे **आपदा प्रबंधन** अभ्यास की निगरानी के लिए जिला समाहरणालय परिसर में एक अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है। यहां से सभी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी और आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। अभ्यास के सफल और निष्पक्ष क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर से 8 और आयुक्त स्तर से एक पर्यवेक्षक की भी प्रतिनियुक्ति की गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



