
Darbhanga News: धरती कांपी, इमारतें ढहीं और चीख-पुकार से दहल गया पूरा शहर! लेकिन रुकिए, यह कोई असल त्रासदी नहीं, बल्कि आने वाली आपदाओं से लड़ने के लिए दरभंगा प्रशासन की एक बड़ी और सुनियोजित तैयारी थी।
Darbhanga News: आपदा प्रबंधन की तैयारियों का सबसे बड़ा महा-अभ्यास
दरभंगा में गुरुवार, 26 फरवरी की सुबह 8:20 बजे उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब 8.0 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप की खबर आई। इस सूचना के मिलते ही जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया और एक बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान का अभ्यास शुरू किया गया। यह पूरा मॉक ड्रिल जिलाधिकारी कौशल कुमार, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) सलीम अख्तर और वरीय उपसमाहर्ता भानु चंद्रा के कुशल मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य किसी भी वास्तविक आपदा की स्थिति में सभी विभागों की तैयारियों और उनके आपसी तालमेल को परखना था।
पांच स्थानों पर एक साथ चला रेस्क्यू ऑपरेशन
भूकंप की सूचना मिलते ही सामुदायिक स्वयंसेवकों और बचाव दलों की प्रशिक्षित टीमें शहर के पांच पूर्व-निर्धारित स्थलों पर पहुंचीं, जिन्हें भूकंप से सबसे अधिक क्षतिग्रस्त दिखाया गया था। इन पांचों जगहों से कुल 90 प्रभावित लोगों को सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। हर जगह का हाल कुछ इस प्रकार था:
- राजकीय मध्य विद्यालय (पुअर होम): यहां कुल 17 व्यक्ति प्रभावित हुए, जिनमें से 15 को सुरक्षित निकाला गया, 02 की मृत्यु हुई, 06 घायल और 04 गंभीर रूप से घायल हुए।
- उर्दू राजभाषा कोषांग (समाहर्ता परिसर): इस स्थल पर 14 लोग प्रभावित हुए, जिनमें 12 को सुरक्षित बचाया गया, 02 की मृत्यु, 06 घायल और 04 गंभीर रूप से घायल हुए।
- रिलायंस ट्रेंड्स (राजकुमारगंज): यहां भी 14 लोग प्रभावित हुए, जिनमें से 12 को सुरक्षित निकाला गया, 02 की मृत्यु, 06 घायल और 04 गंभीर रूप से घायल बताए गए।
- डी.एम.सी.एच. (दरभंगा): अस्पताल परिसर में 19 लोग प्रभावित हुए, 15 को सुरक्षित निकाला गया, 04 की मृत्यु हुई, जबकि 06 घायल और 04 गंभीर रूप से घायल हुए।
- सत्यनाम पेट्रोल पंप (सैदनगर): इस जगह पर सबसे अधिक 26 लोग प्रभावित हुए, जिनमें से 10 को सुरक्षित निकाला गया, 02 की मृत्यु, 06 घायल और 04 गंभीर रूप से घायल हुए।
अभ्यास के दौरान सभी 12 मृतकों (सांकेतिक) के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी वैन से भेजा गया।
Darbhanga News: घायलों के लिए बने अस्थायी अस्पताल और राहत शिविर
इस बचाव अभियान की सबसे बड़ी खासियत इसका सुनियोजित प्रबंधन था। सभी गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को तत्काल डी.एम.सी.एच. परिसर में ही बनाए गए एक अस्थायी अस्पताल में भर्ती कराया गया ताकि उन्हें तुरंत चिकित्सा मिल सके। वहीं, अन्य घायलों को आदर्श मध्य विद्यालय, दरभंगा में स्थापित राहत शिविर में भेजा गया। इस राहत शिविर में घायलों और प्रभावितों के लिए एक सहायता डेस्क, भोजन के लिए सामुदायिक रसोई और मानसिक रूप से प्रभावित लोगों के लिए मनोचिकित्सक द्वारा काउंसलिंग की भी उत्तम व्यवस्था की गई थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
आपदा के बाद पुनर्स्थापना कार्यों का भी हुआ अभ्यास
खोज और बचाव अभियान पूरा होने के बाद की चुनौतियों से निपटने का भी अभ्यास किया गया। नगर निगम दरभंगा की टीमों ने तुरंत मलबे को हटाने का काम शुरू किया। वहीं, जन स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) ने क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की मरम्मत का जिम्मा संभाला। संचार व्यवस्था को फिर से बहाल करने के लिए BSNL को सूचित किया गया, जबकि बिजली आपूर्ति और टूटे खंभों की मरम्मत के लिए विद्युत विभाग एवं भवन निर्माण विभाग (BCD) ने अपना कार्य सुनिश्चित किया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह अभ्यास भविष्य में आने वाली किसी भी आपदा के प्रति हमारी तैयारी को और मजबूत करेगा और जनता की सुरक्षा के लिए प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। यह अभ्यास दिखाता है कि कैसे सभी विभाग मिलकर किसी भी बड़ी चुनौती का सामना कर सकते हैं, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


