Darbhanga train accident: जीवन की पगडंडी कब, कहां, किस मोड़ पर खत्म हो जाए, कोई नहीं जानता। दरभंगा-सीतामढ़ी रेलखंड पर रविवार का दिन एक वृद्ध के लिए काल बनकर आया, जब एक तेज रफ्तार ट्रेन ने उनकी जीवन यात्रा को विराम दे दिया।
Darbhanga train accident: दिल दहला देने वाली घटना का विवरण
दरभंगा-सीतामढ़ी रेलखंड पर मुरैठा स्टेशन से महज दो सौ मीटर पूर्व रविवार, दिन के करीब 11:30 बजे अहमदाबाद-रक्सौल एक्सप्रेस की चपेट में आने से एक 68 वर्षीय वृद्ध की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान मुरैठा पंचायत के वार्ड संख्या पांच निवासी तेलिबा मांझी के रूप में हुई है, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। घटना की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। परिजनों व ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल पर उमड़ पड़ी।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तेलिबा मांझी मुरैठा स्टेशन पर चाय-नाश्ता करने के बाद शौच के लिए रेलवे लाइन के किनारे बैठे थे। इसी दौरान दरभंगा से सीतामढ़ी की ओर जा रही अहमदाबाद-रक्सौल एक्सप्रेस तीव्र गति से वहां से गुजरी और वे उसकी चपेट में आ गए। ट्रेन की रफ्तार इतनी तेज थी कि वृद्ध का शरीर कई टुकड़ों में बिखर गया, जिससे दृश्य अत्यंत विचलित कर देने वाला था।
रेलवे सुरक्षा: लापरवाही या नियति का खेल?
ग्रामीणों के अनुसार, मृतक तेलिबा मांझी कान से दिव्यांग थे और उन्हें सुनने में परेशानी थी। संभवतः इसी कारण वे तेज रफ्तार ट्रेन की भयावह आवाज को सुन नहीं पाए और असमय काल के ग्रास बन गए। यह घटना रेलवे सुरक्षा के उपायों और रेलवे ट्रैक के समीप सतर्कता के महत्व को रेखांकित करती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। घटना के बाद, परिवार में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में मातम पसर गया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। ऐसी घटनाओं से बचने के लिए रेलवे सुरक्षा के नियमों का पालन अत्यंत आवश्यक है। ग्रामीण अपने स्तर पर शव के टुकड़ों को एकत्रित कर अंतिम संस्कार के लिए अपने साथ ले गए। इस दुखद घटना ने क्षेत्र में गहरे सदमे की स्थिति पैदा कर दी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




