
Darbhanga News: मार्च का महीना क्लोजिंग का महीना होता है, और इसी भाग-दौड़ के बीच आम आदमी की सबसे बड़ी चिंता होती है सरकारी बिलों के भुगतान की। लेकिन दरभंगा के बिजली उपभोक्ताओं के लिए विभाग ने बड़ी राहत दी है, जिससे अब छुट्टी के दिन भी बिल जमा करने का रास्ता साफ हो गया है।
विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, दरभंगा (शहरी) ने उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इस फैसले के तहत, वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों में पड़ने वाली छुट्टियों के बावजूद बिजली बिल संग्रह काउंटर खुले रहेंगे। विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार, रविवार, 29 मार्च 2026 और मंगलवार, 31 मार्च 2026 को सभी प्रमुख राजस्व संग्रहण काउंटर सामान्य दिनों की तरह ही काम करते रहेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इससे उन उपभोक्ताओं को विशेष लाभ मिलेगा जो कामकाजी दिनों में व्यस्तता के कारण अपना बिजली बिल जमा नहीं कर पाते हैं।
Darbhanga News: उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विभाग का बड़ा कदम
विभाग का यह कदम सराहनीय है क्योंकि अक्सर वित्तीय वर्ष के अंत में सर्वर पर लोड बढ़ने या बैंकों में भीड़ होने के कारण लोगों को बकाया भुगतान में परेशानी का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब छुट्टी के दिन काउंटर खुले रहने से लोग आसानी से अपने बकाया बिजली बिल का भुगतान कर सकेंगे और संभावित जुर्माने से बच पाएंगे। यह सुविधा शहरी क्षेत्र के सभी उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध होगी। विभाग का लक्ष्य है कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले अधिक से अधिक राजस्व संग्रह किया जा सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/national/
इन काउंटरों पर कर सकेंगे भुगतान
शहरी क्षेत्र के उपभोक्ता अपने बिल का भुगतान निम्नलिखित काउंटरों पर जाकर कर सकते हैं। यह सुनिश्चित किया गया है कि इन काउंटरों पर कर्मचारियों की उपस्थिति रहे ताकि उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रमुख काउंटर इस प्रकार हैं:
- नाका 5
- बंगाली टोला
- डीएमसीएच (DMCH)
क्यों लिया गया यह फैसला?
दरअसल, 31 मार्च को वित्तीय वर्ष 2025-26 का समापन हो रहा है। ऐसे में सभी सरकारी विभाग अपने राजस्व लक्ष्यों को पूरा करने का प्रयास करते हैं। बिजली विभाग भी चाहता है कि उपभोक्ता समय पर अपने बकाये का भुगतान कर दें ताकि विभाग की वित्तीय स्थिति मजबूत हो सके। इसी उद्देश्य से छुट्टियों के दिन भी काउंटर खोलने का निर्णय लिया गया है, ताकि राजस्व संग्रह के लक्ष्य को प्राप्त करने में कोई बाधा न आए और उपभोक्ताओं को भी सहूलियत हो।




