
Darbhanga Encroachment Drive: शहर की सड़कों पर अतिक्रमण का दानव एक बार फिर अपना फन उठा रहा है, और इस बार प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का मन बना लिया है। वर्षों पुराने विवादों का निपटारा करते हुए, नगर निगम ने अब बुलडोजर चलाने की पूरी तैयारी कर ली है।
Darbhanga Encroachment Drive: क्या है पूरा मामला?
लहेरियासराय के टावर चौक से चट्टी चौक की ओर जाने वाली बीके रोड स्थित नगर निगम के स्वामित्व वाली चार दुकानों पर रविवार को बुलडोजर चलेगा। नगर निगम के धावा दल ने शनिवार को ही माइकिंग के माध्यम से दुकान संख्या 29, 30, 31 और 32 के आवंटियों से स्वेच्छा से दुकानें खाली करने का आग्रह किया है। उप नगर आयुक्त जय चंद्र अकेला, अभियंता सऊद आलम, नगर प्रबंधक रवि अमरनाथ, बाजार प्रभारी राजा राम, विधि शाखा के दानिश खान, नंदन कुमार, आबिद खान अमीन राज कमल झा और जोन प्रभारी मुन्ना राम सहित कई अधिकारियों को इस कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है। नगर आयुक्त ने आदेश दिया है कि 18 जनवरी को सुबह 10 बजे व्यवहार न्यायालय के मार्गदर्शन पर दखल दिहानी के लिए इन दुकानों को तोड़ा जाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
दरअसल, यह मामला वर्ष 1976 में केशव कुमार चौधरी बनाम दरभंगा नगर निगम के बीच सड़क के अधिकार को लेकर शुरू हुआ था। इस लंबे कानूनी विवाद में, वर्ष 1996 में कोर्ट ने आवेदक केशव चौधरी के हक में फैसला सुनाते हुए नगर निगम को रास्ता देने का आदेश दिया था। हालांकि, किन्हीं कारणों से नगर निगम तब रास्ता मुहैया नहीं करा सका। इसके बाद, आवेदक ने पुनः इस मामले को न्यायालय के समक्ष उठाया। गत 28 नवंबर को एक बार फिर केशव चौधरी के पक्ष में फैसला आया और 43 फीट रास्ते पर दखल दिहानी का आदेश जारी किया गया।
नगर आयुक्त राकेश गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि न्यायालय का आदेश के अनुरूप ही बीके रोड स्थित नगर निगम की दुकान संख्या 29, 30, 31 और 32 को ध्वस्त कर सुरेंद्र चौधरी को रास्ता दिया जाना है। दुकानदारों को पूर्व में भी इसकी सूचना दी जा चुकी है। 18 जनवरी को दल-बल के साथ मशीनों की मदद से दुकानें तोड़कर केशव चौधरी को रास्ता उपलब्ध करवाया जाएगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
व्यापारियों का विरोध और उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना का आरोप
दूसरी ओर, दरभंगा नगर निगम व्यवसाय महासंघ ट्रस्ट के अध्यक्ष अशोक नायक ने इस कार्रवाई का पुरजोर विरोध किया है। उन्होंने घोषणा की है कि रविवार को नगर निगम के इस “गलत निर्णय” के विरुद्ध बीके रोड की सभी दुकानें बंद रहेंगी। नायक ने तर्क दिया है कि उच्च न्यायालय, पटना का स्पष्ट आदेश है कि बीके रोड नगर निगम बाजार भवन के दुकानदारों को पहले नई दुकान बनाकर पुनर्वासित किया जाए, उसके बाद ही नगर निगम दुकान खाली करवा सकता है या उन्हें तोड़ सकता है। उनका आरोप है कि नगर आयुक्त इस न्यायालय का आदेश की अवमानना करते हुए दुकान संख्या 29, 30, 31 व 32 को जबरदस्ती तोड़ना चाहते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





