Darbhanga Encroachment News: दरभंगा जिले के केवटी प्रखंड स्थित खिरमा गांव में बुधवार को एक बड़ी और महत्वपूर्ण कार्रवाई हुई। स्थानीय प्रशासन ने वर्षों से मरनी पोखर के भिंडा (किनारे) पर हुए अवैध अतिक्रमण को हटाने का काम शुरू कर दिया है। इस व्यापक अभियान के तहत अवैध रूप से बने पक्के मकानों और अन्य निर्माणों को ध्वस्त किया गया, जिससे जलजमाव की गंभीर समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों में खुशी और राहत की लहर दौड़ गई है।
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अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया
बुधवार को केवटी के खिरमा गांव में प्रशासन ने अत्यंत सख्त रुख अपनाते हुए मरनी पोखर के भिंडा पर से अवैध कब्जों को हटाने का अभियान चलाया। अंचलाधिकारी (सीओ) भास्कर कुमार मंडल और केवटी थानाध्यक्ष सदन राम के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल, दंडाधिकारी और बुलडोजर मौके पर मौजूद थे। इस कार्रवाई के दौरान दो पक्के मकानों सहित कई अन्य अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर पोखर की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई कुल 14 अतिक्रमणकारियों के खिलाफ न्यायालय द्वारा पारित अतिक्रमण वाद आदेश के आलोक में की जा रही है, जिसके तहत उन्हें पूर्व में ही नोटिस जारी किए गए थे।
यह समस्या कोई नई नहीं थी; ग्रामीण लंबे समय से इस पोखर की जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटाने की मांग कर रहे थे। उनका आरोप था कि अवैध कब्जों के कारण पोखर का प्राकृतिक जल प्रवाह बाधित हो गया था और इसकी जल संग्रहण क्षमता भी बुरी तरह प्रभावित हुई थी। पानी के बहाव में रुकावट आने से पूरे गांव में बरसात के दिनों में जलजमाव की गंभीर स्थिति पैदा हो गई थी, जिससे न केवल आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था, बल्कि मच्छर जनित बीमारियों का खतरा भी लगातार बढ़ रहा था। कई बार पहले भी अतिक्रमण हटाने के प्रयास हुए थे, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए थे।
जलजमाव से मिलेगी अब स्थायी राहत
मरनी पोखर के भिंडा पर हुए अतिक्रमण के कारण खिरमा गांव में बरसात के दिनों में भयावह जलजमाव की स्थिति बन जाती थी। गांव की मुख्य सड़कों पर कई फीट पानी जमा हो जाता था, जिससे पैदल चलना भी दूभर हो जाता था। स्थानीय लोगों को अपने घरों से निकलने में भी भारी दिक्कत होती थी, और बच्चों को स्कूल जाने में महीनों तक परेशानी का सामना करना पड़ता था। कई घरों में पानी घुस जाने से गृहस्थी का सामान भी बर्बाद हो जाता था। इस अतिक्रमण हटाओ अभियान से अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि उन्हें इस दशकों पुरानी समस्या से स्थायी निजात मिलेगी। प्रशासन का यह कदम न केवल पर्यावरण संरक्षण बल्कि सार्वजनिक भूमि की सुरक्षा और जनहित में एक महत्वपूर्ण पहल है।
अतिक्रमण हटाने के बाद स्थानीय प्रशासन पोखर के सौंदर्यीकरण और उसके जलमार्गों को दुरुस्त करने की व्यापक योजना पर भी विचार कर रहा है। इसमें पोखर की खुदाई, चारों ओर पौधरोपण और पैदल पथ का निर्माण शामिल हो सकता है। इससे न केवल जलजमाव की समस्या खत्म होगी, बल्कि पोखर का पारिस्थितिकी तंत्र भी बहाल होगा, जिससे स्थानीय जैव विविधता को लाभ मिलेगा और गांव की सुंदरता भी बढ़ेगी। इस तरह की कार्रवाई देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें बिहार के अन्य हिस्सों में भी तेजी से देखने को मिल रही है, जहां सार्वजनिक भूमि, तालाबों और सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराने के प्रयास सरकार द्वारा लगातार जारी हैं। इससे कानून का राज स्थापित करने में मदद मिल रही है।
प्रशासन की सख्त चेतावनी और जनभागीदारी का आह्वान
अंचलाधिकारी भास्कर कुमार मंडल ने मीडिया को बताया कि अतिक्रमण हटाने का यह अभियान आगे भी बिना किसी भेदभाव के जारी रहेगा। उन्होंने सभी अतिक्रमणकारियों को सख्त चेतावनी दी है कि वे स्वेच्छा से सरकारी भूमि और जल स्रोतों से अपना कब्जा हटा लें, अन्यथा प्रशासन बिना किसी रियायत के सख्त कानूनी कार्रवाई करेगा। थानाध्यक्ष सदन राम ने भी मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिसके चलते पूरा अभियान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस अभियान से यह स्पष्ट संदेश गया है कि सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जा अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन की इस दृढ़ कार्रवाई की भूरी-भूरी सराहना की है। उनका कहना है कि इस कदम से उन्हें वर्षों पुरानी समस्या से मुक्ति मिली है और अब वे अपने गांव में बेहतर और स्वस्थ जीवन जी सकेंगे। एक ग्रामीण ने बताया, “यह हमारे लिए दिवाली जैसा है। अब हमारे बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी नहीं होगी और हम चैन की सांस ले पाएंगे।” यह कार्रवाई उन लोगों के लिए भी एक बड़ा सबक है जो सार्वजनिक भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने की सोचते हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले में सभी सार्वजनिक जल निकायों, सड़कों, और अन्य सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त किया जाए ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो और विकास कार्यों को गति मिल सके।
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