
फर्जी आधार कार्ड: बिहार के दरभंगा जिले में एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने सिंघवाड़ा में एक साइबर प्वाइंट पर छापेमारी कर दो लोगों को हिरासत में लिया है, जहाँ से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिसमें एक वार्ड पार्षद की मुहर भी शामिल है।
फर्जी आधार कार्ड रैकेट पर पुलिस का छापा, दो गिरफ्तार
दरभंगा पुलिस को लगातार फर्जी आधार कार्ड बनाए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। इसी क्रम में, साइबर क्राइम डीएसपी बिपिन बिहारी के निर्देश पर मंगलवार शाम 6 बजे सिंघवाड़ा थाना क्षेत्र के नगर पंचायत भरवाड़ा स्थित घौरदौड़ में जानवी साइबर प्वाइंट पर छापेमारी की गई। इस दौरान पुलिस ने इंद्रा कुमार और प्रियांशु नाम के दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। साइबर दुकान से कुछ ऐसे सबूत मिले हैं, जिनसे फर्जी आधार कार्ड बनाने में उनकी संलिप्तता स्पष्ट रूप से प्रमाणित होती है। हिरासत में लिए गए दोनों आरोपियों को आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई के लिए दरभंगा साइबर थाना ले जाया गया है।
वार्ड पार्षद की मुहर बरामद, अन्य कैफे संचालक फरार
जानवी साइबर प्वाइंट पर छापेमारी के बाद पुलिस ने अपनी कार्रवाई जारी रखते हुए नगर पंचायत भरवाड़ा के वार्ड नंबर 6 के वार्ड पार्षद सुमन कुमार रंजन के घर भी दबिश दी। हालांकि, वार्ड पार्षद घर पर मौजूद नहीं थे। पुलिस को उनके घर से वार्ड पार्षद की मुहर और अन्य संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं, जो इस मामले में उनकी संभावित संलिप्तता की ओर इशारा करते हैं। इस पुलिसिया कार्रवाई की सूचना मिलते ही क्षेत्र के अन्य साइबर कैफे संचालकों में हड़कंप मच गया और वे अपनी दुकानें बंद कर मौके से फरार हो गए।
पुलिस कर रही आगे की कार्रवाई
पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले रही है और इसमें शामिल अन्य लोगों के नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है। माना जा रहा है कि इस रैकेट में और भी कई लोग शामिल हो सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। पुलिस का कहना है कि फर्जीवाड़े में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।





