

मृत्युंजय के यमदूत को चुनौती देने निकल पड़ी हैं ‘जीविका’ की वीरांगनाएं, जहां हर कदम पर होगा जीवन का जयघोष। Filaria Elimination: इस बार फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी को जड़ से मिटाने के लिए सरकार और समाज की शक्ति एक साथ मैदान में उतर चुकी है, जिसमें जीविका दीदियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।दरभंगा में फाइलेरिया उन्मूलन: जीविका दीदियों ने संभाली कमान, 10 फरवरी से चलेगा महाभियान
फाइलेरिया उन्मूलन: दीदियों के भरोसे ‘फाइलेरिया मुक्त दरभंगा’ का लक्ष्य
दरभंगा, 24 जनवरी, 2026: आगामी 10 फरवरी 2026 से जिले में ‘सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम’ की शुरुआत होने जा रही है, जिसका मकसद प्रत्येक नागरिक को डीईसी, एल्बेंडाजोल और आइवरमेक्टिन की दवाएं खिलाकर संक्रमण की श्रृंखला को पूरी तरह तोड़ना है।
जिला स्वास्थ्य समिति ने फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर इस वर्ष एक विशेष रणनीति अपनाई है। स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ जीविका संगठन, पंचायती राज प्रतिनिधि, शिक्षक, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका और आशा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह एक व्यापक प्रयास है जिसका उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक पहुंचना है।जीविका प्रखंड परियोजना प्रबंधक अमोद कुमार शर्मा ने बताया कि जीविका दीदियों को घर-घर जाकर लोगों को दवा सेवन के लिए प्रेरित करने का जिम्मा सौंपा गया है। उन्होंने कहा, ”जीविका दीदियां ग्रामीण समाज में विश्वास का प्रतीक हैं। उनकी भागीदारी से न केवल दवा सेवन दर में वृद्धि होगी बल्कि लोगों में फाइलेरिया के प्रति जागरूकता भी तेजी से फैलेगी।” उन्होंने आगे जोड़ा कि फाइलेरिया एक ऐसी बीमारी है जो लंबे समय तक शरीर में रहने पर स्थायी विकलांगता का कारण बन सकती है। इसलिए, इससे बचाव का एकमात्र तरीका है कि हर व्यक्ति इस दवा का सेवन करे। दवा पूरी तरह सुरक्षित है और चिकित्सकों की देखरेख में दी जाती है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
सामूहिक दवा वितरण: हर घर तक पहुंचेगी स्वास्थ्य सुरक्षा
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी (डीवीबीडीसीओ) डॉ. अमरेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि सामूहिक दवा वितरण कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य कर्मी और जीविका दीदियां मिलकर घर-घर जाएंगी। जिन परिवारों के सदस्य उस समय घर पर नहीं होंगे, उन्हें अगले दिन पुनः जाकर दवा खिलाई जाएगी। उन्होंने इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी की सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया, कहा कि फाइलेरिया मुक्त दरभंगा का लक्ष्य तभी संभव होगा जब हर नागरिक दवा का सेवन करेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।विभागीय निर्देशानुसार, जिले के चयनित प्रखंडों में सभी लोगों को इस अभियान के अंतर्गत कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। दवा वितरण के लिए प्रत्येक प्रखंड में प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि सभी कार्यकर्ता सुरक्षित एवं प्रभावी तरीके से दवा वितरण कर सकें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। डॉ. मिश्रा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2027 तक फाइलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। दरभंगा जिले ने इस दिशा में पहले ही कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। जीविका दीदियों की सक्रिय भागीदारी इस अभियान को नई ऊर्जा देगी और लोगों तक सरकारी संदेश को प्रभावी ढंग से पहुंचाएगी। उन्होंने आम जनता से अपील की कि सभी लोग पूरे परिवार के साथ इसका सेवन कर फाइलेरिया मुक्त समाज की दिशा में सहयोग करें। इस मौके पर पिरामल फाउंडेशन से चंद्रेश कुमार कर्ण, एमडीएसी कोऑर्डिनेटर रघुवीर राज सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे।



