



Filaria eradication campaign: ‘साइलेंट किलर’ कही जाने वाली बीमारी के खिलाफ जंग का बिगुल बज चुका है। स्वास्थ्य विभाग की फौज अब जिले के हर घर पर दस्तक देगी, ताकि हाथीपांव यानी फाइलेरिया के अदृश्य दुश्मन को जड़ से खत्म किया जा सके। इस महाअभियान की शुरुआत मंगलवार को जिलाधिकारी कौशल कुमार ने खुद दवा खाकर की।
मंगलवार, 10 फरवरी 2026 को दरभंगा के राज कैंपस शहरी स्वास्थ्य केंद्र से 17 दिवसीय सर्वजन दवा सेवन (MDA/IDA) कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस मौके पर जिलाधिकारी ने खुद डीईसी, आइवरमेक्टिन और एल्बेंडाजोल की खुराक खाकर लोगों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए यह अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है और जन-जन की भागीदारी इसमें आवश्यक है।
डीएम की अगुवाई में Filaria eradication campaign का आगाज
जिलाधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि अभियान के तहत जिले के तीन प्रखंडों—दरभंगा सदर, बिरौल, कुशेश्वरस्थान पूर्वी तथा दरभंगा शहरी क्षेत्र में स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर दवा खिलाएंगे। इस बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए कुल 549 टीमों का गठन किया गया है, जिसमें आशा, आंगनबाड़ी सेविका और स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। सदर प्रखंड में 145, बिरौल में 142, कुशेश्वरस्थान पूर्वी में 72 और शहरी क्षेत्र में 190 दल इस कार्य को अंजाम देंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस Mass Drug Administration कार्यक्रम का लक्ष्य जिले के 10 लाख 85 हजार से अधिक नागरिकों तक पहुंचना है। आंकड़ों के अनुसार, सदर प्रखंड में 2,78,806, बिरौल में 3,03,625, कुशेश्वरस्थान पूर्वी में 1,72,838 और शहरी क्षेत्र में 3,21,149 लोगों को दवा खिलाई जाएगी। यह अभियान फाइलेरिया के उन्मूलन की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम साबित होगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
सिविल सर्जन ने बताया, किन्हें नहीं खानी है दवा
कार्यक्रम के दौरान सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार ने स्पष्ट किया कि यह दवा सभी के लिए सुरक्षित है, लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में इसे नहीं दिया जाना है। उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं, किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे व्यक्ति और दो साल से कम उम्र के बच्चों को यह दवा नहीं खिलाई जाएगी। स्वास्थ्यकर्मी दवा खिलाने से पहले इन सभी बातों की पुष्टि करेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
उद्घाटन समारोह में जिलाधिकारी और सिविल सर्जन के अलावा जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. ए.के. मिश्रा, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अनिल कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रभात कुमार राजू समेत स्वास्थ्य विभाग के कई बड़े अधिकारी और सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की कि वे दवा का सेवन अवश्य करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि सबके सहयोग से ही दरभंगा जिला फाइलेरिया मुक्त बन सकेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




