



Darbhanga Firing: श्रद्धा के उत्सव पर जब विवाद का ग्रहण लग जाए, और गोलियों की तड़तड़ाहट से भक्ति का माहौल चीर दिया जाए, तब सवाल उठते हैं कानून व्यवस्था पर। Darbhanga Firing: बिहार के दरभंगा जिले में सरस्वती पूजा विसर्जन के दौरान एक बार फिर ऐसी ही खूनी घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रविवार देर शाम सदर थाना क्षेत्र के गौसाघाट में विसर्जन जुलूस के दौरान दो पक्षों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और अचानक फायरिंग हो गई। इस घटना में एक युवक को गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वारदात के बाद मौके पर भगदड़ मच गई और सरस्वती पूजा विसर्जन जुलूस में शामिल लोगों में दहशत फैल गई।
गोली लगने से युवक गंभीर रूप से घायल, डीएमसीएच में भर्ती
फायरिंग में घायल युवक को स्थानीय लोगों की तत्परता से दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों की टीम ने उसका तत्काल उपचार शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार, घायल युवक की हालत अब स्थिर है और उसे खतरे से बाहर बताया जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
घायल युवक की पहचान मोसिमपुर गांव निवासी 26 वर्षीय अक्षय कुमार राम के रूप में हुई है, जो मुन्ना राम के पुत्र हैं। बताया गया है कि गोली उनके गले के पास छूते हुए निकल गई, जिससे उन्हें गहरा घाव हुआ है। डॉक्टरों ने अंदरूनी चोटों का पता लगाने के लिए एहतियातन एक्स-रे और सीटी स्कैन कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
Darbhanga Firing: कैसे शुरू हुआ विवाद और किसने चलाई गोली?
अस्पताल पहुंचे अक्षय के साथियों ने बताया कि वे अपने गांव मोसिमपुर से सरस्वती पूजा की मूर्ति विसर्जन के लिए गौसाघाट स्थित कमला नदी पहुंचे थे। इसी दौरान, गांव के ही एक अन्य युवक अंशु कुमार से किसी बात को लेकर उनका विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद इतना बढ़ गया कि अंशु कुमार ने अपनी कमर से पिस्टल निकालकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इसी फायरिंग में एक गोली अक्षय के गले के पास जा लगी। हालांकि, विवाद का सटीक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
पुलिस ने की पुष्टि, जांच जारी और आपराधिक रिकॉर्ड की पड़ताल
सदर थाना के थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि विसर्जन के दौरान गोली चलने की सूचना सही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि घायल युवक खतरे से बाहर है और गोली गर्दन को छूकर निकली है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है और घटनास्थल से जुड़े सभी पहलुओं की छानबीन की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, घायल युवक अक्षय कुमार राम पहले भी आर्म्स एक्ट के एक मामले में जेल जा चुका है, वहीं फायरिंग करने का आरोपी अंशु कुमार भी पूर्व में शराब से संबंधित एक मामले में जेल गया था। पुलिस दोनों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही है ताकि घटना के पीछे की संभावित पृष्ठभूमि को समझा जा सके।
इलाके में तनाव, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
इस खूनी वारदात के बाद गौसाघाट और आस-पास के इलाकों में तनाव का माहौल व्याप्त है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है और विशेष रूप से विसर्जन जुलूसों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पुलिस प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर पूरी नजर है और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें


