

Foot and Mouth Disease: जैसे इंसानों के लिए कोरोना का टीका संजीवनी बना था, वैसे ही अब मवेशियों को जानलेवा बीमारी से बचाने के लिए सरकारी अमला मैदान में उतर चुका है। दरभंगा जिले में पशुओं को खुरहा-मुंहपक्का जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए एक वृहद टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य हजारों मवेशियों को सुरक्षा कवच प्रदान करना है।
Foot and Mouth Disease को लेकर प्रशासन अलर्ट, शुरू हुआ विशेष अभियान
दरभंगा के जाले प्रखंड क्षेत्र में पशुओं को घातक खुरहा-मुंहपक्का रोग से बचाने के लिए पशुपालन विभाग ने कमर कस ली है। 19 फरवरी से शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत, अब तक लगभग चार हजार पशुओं का सफलतापूर्वक टीकाकरण किया जा चुका है। यह अभियान प्रखंड की कमतौल, राढ़ी उत्तरी, कछुआ, जाले, जोगियारा, सहसपुर, रेवढ़ा, दोघरा, मुरैठा, कतरौल-बसंत, रतनपुर और ब्रह्मपुर समेत कई पंचायतों में जोर-शोर से चल रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। विभाग का लक्ष्य हर पशु तक पहुंचकर उसे इस गंभीर रोग से प्रतिरक्षित करना है।
जानकारी के अनुसार, इस अभियान को सफल बनाने के लिए एक दर्जन निजी टीकाकर्मियों की टीम बनाई गई है। यह टीम घर-घर जाकर पशुओं को टीका लगा रही है। इस प्रक्रिया में उन पशुओं को प्राथमिकता दी जा रही है जिनके कान में पहले से ही ईयर टैग लगे हुए हैं। यह पशु टीकाकरण अभियान पशुपालकों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आया है।
घर-घर जाकर हो रहा टीकाकरण, ओटीपी बना स्पीड ब्रेकर
पशु चिकित्सक डॉ. शिवेन्द्र कुमार ने अभियान की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि टीकाकरण के बाद पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन दर्ज किया जाता है। इसके लिए पशुपालक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाता है, जिसके सत्यापन के बाद ही टीकाकरण को सफल माना जाता है। हालांकि, कई मामलों में नेटवर्क या अन्य कारणों से ओटीपी नहीं मिल पाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ऐसी स्थिति में, टीकाकर्मी को उस पशु की फोटो खींचकर ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करनी पड़ती है, जिससे प्रक्रिया में अतिरिक्त समय लग रहा है।
डॉ. शिवेन्द्र ने पशुपालकों से अपील की है कि वे टीकाकर्मियों को ओटीपी बताने में सहयोग करें, ताकि टीकाकरण का कार्य तेजी से पूरा किया जा सके। आपकी एक छोटी सी मदद इस बड़े अभियान को समय पर पूरा करने में सहायक होगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
पशुपालकों से सहयोग की अपील
डॉ. कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि जिला मुख्यालय से अभियान के लिए लगभग 40 हजार वैक्सीन डोज उपलब्ध कराए गए हैं। यह निर्देश भी दिया गया है कि जिन पशुओं के कान में ईयर टैग नहीं लगे हैं, उन्हें भी टीका लगाया जाए, ताकि कोई भी मवेशी इस सुरक्षा चक्र से वंचित न रह जाए। उन्होंने सभी पशुपालकों से इस अभियान को सफल बनाने में अपना पूरा सहयोग देने की अपील की है। सही समय पर टीकाकरण ही खुरहा-मुंहपक्का जैसी बीमारियों से पशुओं के बचाव का एकमात्र कारगर उपाय है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


