
Ayush Hospital Darbhanga: दरभंगा को मिली 15 करोड़ की सौगात, 50 बेड के भव्य आयुष अस्पताल पर लगी मुहर, जानिए कहां होगा निर्माण
Ayush Hospital Darbhanga: दरभंगा की स्वास्थ्य सुविधाओं के आसमान में एक नया सितारा चमकने को तैयार है, और इस बार रोशनी पारंपरिक चिकित्सा की होगी। जिले को केंद्र और राज्य की एनडीए सरकार की ओर से एक ऐतिहासिक सौगात मिली है, जिसके तहत लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड वाले एकीकृत Ayush Hospital Darbhanga के निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है। इस निर्णय को दरभंगा के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
स्थानीय सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि केंद्र प्रायोजित योजना के तहत 14 करोड़ 75 लाख 39 हजार रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति मिलना यह साबित करता है कि डबल इंजन की सरकार दरभंगा के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सांसद ने बताया कि इस अस्पताल की स्थापना से योग, आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी जैसी भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा मिलेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Ayush Hospital Darbhanga का निर्माण कार्य जल्द होगा शुरू
सांसद डॉ. ठाकुर ने जानकारी दी कि केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने दरभंगा संसदीय क्षेत्र के बिरौल अनुमंडल स्थित इटवा शिवनगर में इस अस्पताल को मंजूरी दी थी। इसके बाद बिहार चिकित्सा सेवा एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड द्वारा इसके तकनीकी मॉडल को भी अनुमोदित कर दिया गया था। अब राज्य सरकार से भवन निर्माण के लिए प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जल्द ही भवन निर्माण का कार्य प्रारंभ किया जाएगा, जिससे क्षेत्रवासियों को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
यह अस्पताल जिले के मध्य भाग में स्थित एक ग्रामीण क्षेत्र में बन रहा है, जिससे सैकड़ों गांवों के लोगों को सीधे तौर पर फायदा पहुंचेगा। यहां मिलने वाली देशी और प्राकृतिक चिकित्सा सुविधाओं से न केवल लोगों का प्रभावी इलाज होगा, बल्कि हमारी प्राचीन चिकित्सा प्रणाली का विस्तार भी होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह पहल निश्चित रूप से आने वाले समय में क्षेत्र के लोगों के लिए एक वरदान साबित होगी, खासकर समाज के कमजोर और मध्यम वर्ग के लिए जो सस्ती और प्रभावी चिकित्सा की तलाश में रहते हैं।
सांसद के लंबे प्रयास लाए रंग
डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने बताया कि वे इस अस्पताल की स्थापना के लिए लंबे समय से प्रयासरत थे। उन्होंने बताया कि 2024 में चुनाव जीतने के बाद 26 जुलाई को उन्होंने दिल्ली में केंद्रीय आयुष मंत्री से मिलकर एक पत्र सौंपा था। इसके बाद, 11 जनवरी 2025 को दरभंगा में प्रगति यात्रा की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी पत्र देकर इस मामले में पहल करने का अनुरोध किया था। इन्हीं प्रयासों के फलस्वरूप पहले केंद्र सरकार और अब बिहार सरकार ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को अपनी मंजूरी दी है। यह कदम पारंपरिक चिकित्सा को मुख्यधारा में लाने और इसके अनुसंधान, शिक्षा और गुणवत्ता नियंत्रण को बढ़ावा देने में भी सहायक होगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/। सांसद ने कहा कि आयुष मंत्रालय के माध्यम से औषधीय पौधों के संरक्षण और संवर्धन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सराहनीय कदम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



