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Doppler Weather Radar: दरभंगा को 340 करोड़ की सौगात,लगेगा शक्तिशाली Doppler Weather Radar, आंधी-तूफान और बारिश की मिलेगी सटीक जानकारी

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Doppler Weather Radar: मौसम का मिजाज अब अठखेलियां नहीं कर पाएगा, क्योंकि अब दरभंगा की धरती से ही उत्तर बिहार के मौसम पर पैनी नजर रखी जाएगी। केंद्र सरकार ने बिहार के दरभंगा में एक शक्तिशाली मौसम रडार केंद्र स्थापित करने को हरी झंडी दे दी है।

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दरभंगा में लगेगा शक्तिशाली Doppler Weather Radar

भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने मौसम निगरानी प्रणाली को अभूतपूर्व मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देशभर में लगभग 340 करोड़ रुपये की लागत से 14 नए डॉप्लर वेदर रडार स्थापित करने का फैसला किया है। यह मिथिला और विशेषकर दरभंगा के लिए गौरव का क्षण है कि इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए बिहार से एकमात्र दरभंगा जिले का चयन किया गया है। इस ऐतिहासिक सौगात के लिए स्थानीय सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने दिल्ली में केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री श्री जितेन्द्र सिंह से उनके आवास पर मुलाकात कर आभार व्यक्त किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस अवसर पर सांसद ने केंद्रीय मंत्री को मिथिला की पारंपरिक संस्कृति के अनुसार पाग, अंगवस्त्र और मखान माला से सम्मानित भी किया। यह नया Doppler Weather Radar केंद्र मौसम की निगरानी में एक मील का पत्थर साबित होगा।

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मिथिलांचल-कोसी के लिए बनेगा सुरक्षा कवच

सांसद डॉ. ठाकुर ने इस परियोजना को उत्तर बिहार के लिए एक महत्वाकांक्षी कदम बताते हुए कहा कि यह रडार इस संवेदनशील क्षेत्र के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करेगा। उन्होंने बताया कि यह शक्तिशाली रडार लगभग 250 से 400 किलोमीटर के दायरे में मौसम के हर छोटे-बड़े बदलाव को पकड़ने में सक्षम होगा। इसके शुरू हो जाने से न केवल दरभंगा, बल्कि मधुबनी, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, सहरसा समेत पूरे मिथिलांचल और कोसी क्षेत्र में मौसम की सटीक जानकारी समय पर मिल सकेगी। किसानों को अपनी फसलों के प्रबंधन के लिए सटीक मौसम पूर्वानुमान भी मिल सकेगा, जिससे उन्हें खेती में काफी मदद मिलेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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मानसून के दौरान होने वाली भारी बारिश, चक्रवाती तूफान, ओलावृष्टि और वज्रपात जैसी प्राकृतिक आपदाओं की चेतावनी अब कई घंटे पहले ही जारी की जा सकेगी। इससे जान-माल के नुकसान को न्यूनतम स्तर पर लाने में बड़ी मदद मिलेगी। यह रडार प्रणाली उत्तर बिहार जैसे बाढ़ प्रभावित और मौसमी अनिश्चितताओं वाले क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस पहल से न केवल आम नागरिकों का जीवन सुरक्षित होगा, बल्कि कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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